खबर रफ्तार, बरेली: बरेली में निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने अभी अपना सरकारी आवास नहीं छोड़ा है। उनके आवास के गेट पर निलंबन का नोटिस चस्पा किया गया है। मंगलवार को दिनभर सड़क से कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन होता रहा। बुधवार को भी गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
बरेली में पद से इस्तीफा देने और निलंबन होने के तीसरे दिन बुधवार को सुबह ही जिला प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पर नोटिस चस्पा कर दिया है। अलंकार अग्निहोत्री अभी अपने सरकारी आवास में ही है। उनके समर्थक लगभग पूरी रात आवास के सामने दामोदर पार्क में डेरा जमा रहे और निगरानी भी करते रहे। समर्थकों को अलंकार अग्निहोत्री को कहीं गोपनीय स्थान पर ले जाए जाने का अंदेशा था। हालांकि, अलंकार के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और अभी भी अपने आवास पर ही हैं। उनके समर्थक आवास के आसपास मौजूद हैं। भारी पुलिस बल भी तैनात है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट आवास के गेट पर एडीएम सिटी सौरभ दुबे पहुंचे।
सोमवार सुबह गणतंत्र दिवस पर कलक्ट्रेट में झंडा फहराने के बाद 2019 बैच के पीसीएस अफसर अलंकार ने अपने इस्तीफा देने की बात सार्वजनिक कर दी थी। इस्तीफा भेजने के बाद अलंकार मुखर हो गए थे और यूजीसी बिल लागू होने और शंकराचार्य के अपमान पर वह केंद्र-राज्य सरकार को घेरने लगे थे। फिर देर शाम डीएम से मिलने उनके आवास गए थे। वहां से बाहर निकलने पर उन्होंने डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाए रखे जाने का आरोप लगाया। हालांकि डीएम ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। देर रात अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया था। उन्हें शामली के कलेक्टर ऑफिस से अटैच किया गया है। मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई। वहीं जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को सिटी मजिस्ट्रेट का चार्ज दिया है।
निलंबन के बाद मंगलवार को अलंकार अग्निहोत्री काफी आक्रामक दिखे। सुबह उन्हें उनके आवास पर समर्थकों के साथ हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। वह आवास पर समर्थकों के साथ बैठक नहीं कर पाए। 11.00 बजे आवास के पहले गेट पर ताला लगा देख सिटी मजिस्ट्रेट मुख्य गेट की ओर बढ़े। वहां भी पुलिसकर्मियों का पहरा था। हालांकि पुलिस ने उन्हें देखकर गेट खोल दिया और वह समर्थकों संग सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां गेट बंद कर दिया गया। इस पर वह जमीन पर धरने पर बैठ गए। समर्थकों संग सड़क से कलक्ट्रेट तक उनका हल्ला बोल लगभग पांच घंटे चला। फिर वह शाम को कलक्ट्रेट से निकलकर अपने सरकारी आवास चले गए, जहां उन्हें फिर से हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

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