ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Champawat Rape में सामने आए नाबालिग रेप मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गर्मा गई है। मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा बयान देते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और सच सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
हरीश रावत ने कहा कि एक नाबालिग बालिका के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की बात सामने आई है। पीड़िता के दिव्यांग पिता द्वारा थाने में शिकायत देने और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों व वीडियो को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार मानवीय संवेदनाओं के आधार पर प्रतिक्रिया देते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि अब यह दावा किया जा रहा है कि पूरा मामला कथित रूप से कूट रचित था, लेकिन यह विचारणीय विषय है कि कोई पिता अपनी बेटी के भविष्य और सम्मान को दांव पर क्यों लगाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनका संबंध भाजपा से रहा है। हरीश रावत ने कहा कि कथित रूप से नामित व्यक्ति भाजपा का मंडल अध्यक्ष रह चुका है और उसके खिलाफ पहले भी इसी तरह का मामला दर्ज होने की बात सामने आई थी।
उन्होंने आगे कहा कि यह मामला केवल अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्तारूढ़ दल के अंदर चल रहे संघर्ष को भी दर्शाता है। साथ ही भविष्य में न्याय के लिए आवाज उठाने वालों के सामने भी जटिल स्थिति पैदा हो सकती है।
हरीश रावत ने कहा कि दोनों पक्षों की निष्पक्ष और गंभीर जांच जरूरी है, क्योंकि इस पूरे मामले में पीड़िता एक बेटी है। उन्होंने भावनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तराखंड की अधिष्ठात्री मां नंदा भी इस धरती की बेटी हैं, इसलिए ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

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