दिल्ली में बनेंगी तीन हजार नई सड़कें, आवाजाही होगी आसान

ख़बर रफ़्तार, नई दिल्ली :  लोकसभा चुनाव से ठीक पहले महापौर डॉ. शैली ओबेरॉय ने सड़कों को सुधारने की घोषणा की है। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले आप कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए महापौर ने कहा कि तीन हजार नई सड़कों का निगम द्वारा निर्माण कराया जाएगा। अभी तक सीएम सड़क योजना से सड़कें-गलियां बनती थीं, लेकिन पहली बार महापौर के फंड से इन सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

महापौर ने बताया कि निगम के बजट में एक हजार करोड़ रुपये का बजट दिल्ली में सड़कों के निर्माण के लिए नियत किया गया था। इस एक हजार करोड़ और 500 करोड़ के महापौर फंड से पूरी दिल्ली में तीन हजार सड़कों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की तमाम गलियां, फ़्रैंट लेन, बैक लेन बनाई जाएंगी और किसी भी सड़क पर गड्ढे नजर नहीं आएंगे।

महापौर ने कहा कि अपने एक वर्ष के कार्यकाल में हमने नए स्कूल, पार्क, मेटरनिटी सेंटर, पार्किंग स्थल बनाए और कई का शिलान्यास किया। हमने निगम कर्मचारियों को पक्का करने की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही नए जाब के अवसर भी शुरू किए हैं। महापौर ने कहा कि भाजपा 15 साल तक निगम की सत्ता में रही, लेकिन कोई काम नहीं किया। इतना ही नहीं स्थायी समिति का गठन नहीं होने दिया। निगम सदन को भी नहीं चलने दिया।

ये सड़कें सुधरेंगी

  • प्रेमबाड़ी अंडरपास-पंजाबी बाग फ्लाईओवर रिंग रोड
  • मुकरबा चौक-मधुबन चौक आउटर रिंग रोड
  • विश्राम चौक-राजीव गांधी कैंसर इंस्टीटयूट छोटू राम मार्ग
  • भैरो मार्ग-आश्रम रिंग रोड
  • जेएलएन स्टेडियम-एम्स बारापुला एलिवेटेड रोड
  • मोदी मिल-चिराग दिल्ली आउटर रिंग रोड
  • मथुरा रोड
  • महरौली- महिपालपुर रोड
  • मुकरबा चौक-बुराड़ी फ्लाईओवर आउटर रिंग रोड
  • खेड़ा कलां-होलंबी कलां मार्ग
  • गदोक मार्ग नजफगढ़ रोड
  • गुरु विरजानंद मार्ग
  • गुरु गोलवलकर मार्ग
  • मुंडका-टिकरी बॉर्डर रोहतक रोड
  • नांगलोई चौक-रिशाल गार्डेन नजफगढ़ नांगलोई हैं

71 सड़कों की सूरत बदलने की तैयारी में है पीडब्ल्यूडी

दिल्ली सरकार 100 किलोमीटर से अधिक लंबी 71 सड़कों को बेहतर बनाएगी। इसमें ज्यादातर सड़कें ऐसी हैं, जिनकी रिकार्पेटिंग व सुदृढ़ीकरण का काम आखिरी बार वर्ष 2012 से 19 के बीच किया गया था। कई ऐसी सड़कों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है, जिन पर काम लंबे समय से अटका हुआ था । कई सड़कों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।

गत दिनों पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने इसे लेकर बैठक की और सड़कों को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। सड़कों पर काम प्रायोरिटी-एक व प्रायोरिटी-दो में बांटकर किया जाएगा। दिल्ली में टूटी व ऊबड़- खाबड़ या कमजोर हो चुकी सड़कें बननी शुरू होंगी। देश की राजधानी होने के बाद भी कई इलाकों में सड़कों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।

लोक निर्माण विभाग सड़कों को लेकर अपनी योजना में बदलाव करते हुए सड़कों को मजबूत, सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिए छोटे-छोटे टेंडर लगाने की योजना पर काम कर रहा है। पीडब्ल्यूडी अब नई योजना के तहत सड़कों के लिए जोन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया में है। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अगर टेंडर का काम पूरा किया जा रहा है, तो सड़कों का निर्माण कराया जा सकता है।

लोकसभा चुनाव में हार के डर से कीं घोषणाएं

राजा इकबाल दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने 1500 करोड़ की लागत से तीन हजार सड़कों के निर्माण के दावे को चुनावी घोषणा करार दिया। राजा इकबाल सिंह ने कहा कि महापौर डॉ. शैली ओबेरॉय को अच्छी तरह पता है कि दिल्ली की सातों सीटों पर आप और कांग्रेस के प्रत्याशियों की बुरी तरह हार होने जा रही है। इसलिए महापौर चुनाव से पहले यह घोषणा कर रही हैं।

राजा इकबाल सिंह ने कहा कि दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले दस गारंटी की थी, लेकिन एक भी गारंटी अब तक पूरी नहीं हुई है। राजधानी में सड़कों की स्थिति खराब है। ऐसे में लोग इससे काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि महापौर की यह घोषणा चुनावी है, क्योंकि नगर निगम ने इसकी कोई मंजूरी अभी तक नहीं दी है। जनता सब समझती है।

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