ख़बर रफ़्तार , नैनीताल : उत्तराखंड के नैनीताल में पाइंस स्थित श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण की मांग पर हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को दो महीने के भीतर श्मशान घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने का आदेश दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता होना बेहद जरूरी है। सड़क नहीं होने के कारण बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को अपने परिजनों की अंतिम यात्रा में शामिल होने और उन्हें अंतिम विदाई देने में परेशानी होती है।
अदालत ने एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़क का निर्माण जितनी जल्दी हो सके, पूरा किया जाना चाहिए, ताकि अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
काफी समय पहले हो चुका है सड़क का सर्वे
यह जनहित याचिका नैनीताल निवासी मनोज साह जगाती की ओर से दायर की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि पाइंस श्मशान घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए काफी समय पहले सर्वे कराया जा चुका है।
याचिका के मुताबिक, जिलाधिकारी और कुमाऊं मंडल के कमिश्नर की संस्तुति के बाद सड़क का सर्वे पूरा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
श्मशान घाट में पानी और बैठने की व्यवस्था भी नहीं
याचिकाकर्ता ने सड़क निर्माण के साथ-साथ श्मशान घाट में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। अदालत को बताया गया कि वहां पानी, बैठने की उचित व्यवस्था और अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है।
याचिका में मांग की गई है कि श्मशान घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ा जाए। इसके साथ ही वहां पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं, जिससे अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को परेशानी न हो।
वन विभाग ने केंद्रीय मंत्रालय में मामला लंबित होने की दी जानकारी
सुनवाई के दौरान वन विभाग की ओर से अदालत को बताया गया कि सड़क निर्माण का मामला केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास विचाराधीन है। विभाग के अनुसार, अभी तक सड़क निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं मिल पाई है।
वन विभाग की इस दलील के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को सड़क निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट ने दो महीने में निर्माण पूरा करने का दिया आदेश
मामले पर टिप्पणी करते हुए खंडपीठ ने कहा कि हर व्यक्ति को एक दिन श्मशान घाट जाना ही है, इसलिए वहां तक पहुंचने के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। अदालत ने विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पाइंस श्मशान घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण दो महीने के भीतर पूरा किया जाए। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग तय समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा कर पाते हैं या नहीं।
