ख़बर रफ़्तार , देहरादून : उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड लौट रहा ट्रांस भारत कंपनी का हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार और जिला प्रशासन हरकत में आ गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद एसडीआरएफ, भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। हेलीकॉप्टर और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए जमीनी और हवाई दोनों स्तरों पर सघन अभियान चलाया जा रहा है।
सीएम धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
हेलीकॉप्टर हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए जल्द से जल्द घटनास्थल तक पहुंचा जाए।
मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान में लगी सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और यात्रियों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मदन कौशिक ने भी ली घटना की जानकारी
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी हेलीकॉप्टर हादसे की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी बचाव एजेंसियों को पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा।
मदन कौशिक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें जल्द सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन और प्रशासन के स्तर पर पूरे अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है।
सेना के सिग्नल सेंटर ने देखा हेलीकॉप्टर से उठता धुआं
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी चमोली ने हेलीकॉप्टर हादसे की सूचना दी। ट्रांस भारत कंपनी का सिविल हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर आ रहा था। इसमें पांच यात्री और एक पायलट सवार थे।
बताया गया कि सेना के सिग्नल सेंटर की टीम ने संबंधित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठते हुए देखा। इसके बाद हेलीकॉप्टर तेजी से नीचे की ओर जाता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित बचाव एजेंसियों को सक्रिय कर दिया।
एम्स ऋषिकेश और बेस अस्पताल श्रीनगर अलर्ट पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने चिकित्सा व्यवस्थाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से चिकित्सा संस्थानों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को बिना देरी के उपचार मिल सके।
हवाई रेकी के लिए भेजे गए दो हेलीकॉप्टर
घटनास्थल की स्थिति का पता लगाने और वहां तक पहुंचने के लिए जमीनी अभियान के साथ हवाई रेकी भी की जा रही है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के एक रेकी हेलीकॉप्टर और एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर को अभियान में लगाया गया है।
इसके अलावा सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ की एक अन्य टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की टीमें आपसी समन्वय के साथ तलाश और राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से निगरानी
हादसे की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी), देहरादून पहुंचे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और विभिन्न एजेंसियों के बीच चल रहे समन्वय एवं राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से चमोली जिला प्रशासन, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घटनास्थल तक पहुंचकर हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की स्थिति का पता लगाना और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
