खबर रफ्तार, नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बीते दो हफ्ते से जारी बमबारी के बीच भारत में तेल और गैस संकट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में पर्याप्त तेल और गैस के भंडार हैं, इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने कहा कि राज्य सरकारों को जमाखोरी के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी तनाव और होर्मुज क्षेत्र में तेल व गैस के जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरों के बीच भारत में ईंधन संकट की आशंकाएं जताई जा रही हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस की कोई कमी नहीं है।
एलपीजी का घरेलू उत्पादन 30% बढ़ा
उन्होंने बताया कि 5 मार्च की तुलना में रिफाइनरियों में एलपीजी का घरेलू उत्पादन लगभग 30 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों को राज्य सरकारों को उपलब्ध कराया गया है ताकि जरूरत के अनुसार प्राथमिकता तय कर उनका वितरण किया जा सके।
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की आपूर्ति भी बिना किसी कटौती के जारी है। उन्होंने वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से अपील की कि किसी भी जानकारी के लिए वे अपने स्थानीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क या अधिकृत डीलरों से संपर्क करें।
सरकार 48 हजार किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन का करेगी वितरण
उन्होंने बताया कि राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे जिलों में ऐसे स्थान चिन्हित करें जहां केंद्र सरकार द्वारा मंजूर अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन का वितरण किया जा सके। इसके अलावा वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोल इंडिया को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुजाता शर्मा ने अंत में देशवासियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और घबराकर गैस सिलेंडर या ईंधन की बुकिंग न करें, क्योंकि देश में तेल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है।

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