राप्ती नदी में डूबे चार किशोरों के शव बरामद, दो दिन चला तलाशी अभियान

ख़बर रफ़्तार, गोरखपुर : गोरखपुर के मिर्जापुर घाट पर राप्ती नदी में नहाने के दौरान डूबकर चार किशोरों की मौत हो गई। नदी किनारे चार साइकिल और कपड़े मिले थे। दो दिन खोजने के बाद चारों शव मिले हैं। NDRF और पुलिस ने चार शव बरामद किए गए हैं।

गोरखपुर के खोराबार थाना इलाके के मिर्जापुर घाट स्थित पीपा पुल के पास राप्ती नदी में नहाने गए तीन अन्य किशोरों का शव शुक्रवार को बरामद कर लिया गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की चार टीमें लगातार नदी में सर्च अभियान चला रही थीं। किशोरों का मिलते ही घर में कोहराम मच गया, परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, कैंट थाना क्षेत्र के रानीडीहा शिवमंदिर टोला निवासी अमन उर्फ बीरू राजभर (15), मालवीय नगर निवासी विवेक निषाद (15), जंगल सिकरी निवासी गगन पासवान (15) और रानीडीहा निवासी अनिकेत यादव (13) अपने साथी राजकरन उर्फ टाइमपास के साथ बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे साइकिल से मिर्जापुर घाट पहुंचे थे।

पांचों किशोर पीपा पुल के पास राप्ती नदी में नहाने लगे। इसी दौरान चार गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे, जबकि राजकरन किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल आया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, ग्राम प्रधान और पुलिस मौके पर पहुंची। खोराबार और कैंट पुलिस ने तत्काल एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम को बुलाया, जिन्होंने देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। मौके से चार साइकिल, कपड़े और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही सर्च अभियान दोबारा शुरू किया गया। इसी दौरान विवेक निषाद का शव घटना स्थल से 100 मीटर दूरी पर बरामद कर लिया गया, जबकि अन्य तीन किशोरों का शव शुक्रवार सुबह टीम ने घटाना स्थल से एक किमी दूर बरामद कर ली है। थाना प्रभारी सुधांशु सिंह के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बेटे का शव देख फफक पड़ी मां, आसपास खड़े लोगों की आंखें भी हुई नम
विवेक निषाद का शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जैसे ही सूचना घर पहुंची, परिजन बदहवास हालत में घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, वह बार-बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो जा रही थी।
पिता सतीश, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, बेटे के शव को देख फूट-फूटकर रो पड़े। आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो गईं। विवेक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके दो छोटे भाई सुंदर और समीर अभी इस सदमे को समझ भी नहीं पा रहे हैं।
परिवार के लोगों ने बताया कि वह कक्षा 6 का छात्र था और पढ़ाई में अच्छा था। घर की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाता था। उधर, अन्य तीन लापता किशोरों के घरों में भी मातम पसरा हुआ है।
परिजन टकटकी लगाए नदी की ओर देख रहे हैं, इस उम्मीद में कि उनका बेटा सकुशल लौट आए। हर गुजरते पल के साथ उनकी बेचैनी और बढ़ती जा रही है। गांव में सन्नाटा पसरा है और हर आंख नम है।

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