ख़बर रफ़्तार, हरिद्वार : Haridwar Tiger Poaching Case मामले के मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी ने रोशनाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद वन विभाग अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, श्यामपुर रेंज के सजनपुर बीट क्षेत्र में दो बाघों को जहरीला पदार्थ देकर मारने का मामला सामने आया था। इस मामले में वन विभाग पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुका है, जबकि मुख्य आरोपी आमिर हमजा लगातार फरार चल रहा था।
बताया जा रहा है कि आमिर हमजा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की थी। सोमवार सुबह वह कोर्ट परिसर पहुंचा और वकील के चैंबर में बैठ गया। इस दौरान सादे कपड़ों में मौजूद वन विभाग की टीम को उसकी मौजूदगी की जानकारी मिल गई।
वन विभाग की टीम ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों के विरोध के चलते वह सीधे कोर्ट में सरेंडर करने में सफल हो गया।
अधिकारियों के मुताबिक, आमिर हमजा इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि उसी ने मृत भैंस पर जहर लगाने की योजना बनाई थी और बाघों की मौत के बाद उनके पैर काटे थे। मामले में अभी तक कई अहम सबूत, जैसे धारदार हथियार और बाघों के कटे हुए अंग बरामद नहीं हुए हैं।
Swapnil Aniruddh ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। अब कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य राज खोले जाएंगे।
वन विभाग को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद वन्यजीव तस्करी और शिकार गिरोह से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं।
