ख़बररफ़्तार , रुद्रप्रयाग/खटीमा : उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करना शुरू कर दिया है। बदरीनाथ धाम से शुरू हुई कांग्रेस की न्याय यात्रा शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में रुद्रप्रयाग पहुंची। वहीं, कांग्रेस की एक अन्य न्याय यात्रा सितारगंज और नानकमत्ता होते हुए खटीमा पहुंची। दोनों जगह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने यात्रा के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड, भ्रष्टाचार के आरोप, चंदा चोरी के मामले, बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े प्रकरण, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि इन मामलों पर जनता के सवालों का जवाब मिलना चाहिए और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रुद्रप्रयाग पहुंची गणेश गोदियाल के नेतृत्व वाली न्याय यात्रा
बदरीनाथ धाम से शुरू हुई कांग्रेस की न्याय यात्रा शुक्रवार को रुद्रप्रयाग पहुंची। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पार्टी ने इस अभियान के जरिए प्रदेश के विभिन्न मुद्दों को जनता के बीच उठाने और सरकार से जवाब मांगने की रणनीति अपनाई है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग
न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने मामले में न्याय सुनिश्चित करने और इससे जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि इस प्रकरण को लेकर जनता की अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पार्टी ने मामले की जांच को लेकर जवाबदेही का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए।
चंदा चोरी के आरोप और बदरीनाथ धाम के चढ़ावे का मुद्दा
कांग्रेस ने चंदा चोरी के आरोपों को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं ने इन आरोपों से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय करने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का जवाब और जांच की स्थिति अलग से स्पष्ट होना जरूरी है।
इसके अलावा बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े प्रकरण को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। पार्टी ने धार्मिक आस्था और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े इस विषय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
सितारगंज और नानकमत्ता होते हुए खटीमा पहुंची न्याय यात्रा
कांग्रेस की न्याय यात्रा शुक्रवार को सितारगंज और नानकमत्ता होते हुए खटीमा विधानसभा क्षेत्र पहुंची। यात्रा में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
खटीमा स्थित शहीद स्मारक पर कांग्रेस नेताओं ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कुमारी सैलजा ने भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया
खटीमा में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार, वोट चोरी और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और प्रदेश में स्वच्छ सरकार स्थापित करने की लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने 27 अक्टूबर को प्रस्तावित गैरसैंण विधानसभा घेराव और एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की महारैली का भी जिक्र किया। कांग्रेस इन कार्यक्रमों के जरिए अपने मुद्दों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
यशपाल आर्य ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, महिला अपराध और बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग दोहराई।
यशपाल आर्य ने सरकार पर भू-माफिया और शराब माफिया को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश से जुड़े इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का अभियान तेज
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपना अभियान आगे बढ़ा रही है। न्याय यात्रा के जरिए पार्टी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जनसरोकार से जुड़े सवाल उठा रही है।
रुद्रप्रयाग और खटीमा में हुए कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, भ्रष्टाचार के आरोप, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी को प्रमुखता दी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इन मुद्दों को आगामी विरोध प्रदर्शनों और जनसभाओं में भी उठाएगी। वहीं, उठाए गए आरोपों और मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया भी इस राजनीतिक घटनाक्रम का अहम पहलू रहेगी।
