ख़बर रफ़्तार , देहरादून : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच से विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में सीएम धामी ने राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत का जिक्र करते हुए कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं को भड़काने, अफवाह फैलाने और राजनीतिक स्वार्थ के लिए प्रदेश में टकराव का माहौल बनाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड, जेनी कांड और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए।
डबल इंजन सरकार में उत्तराखंड का विकास: सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड हर क्षेत्र में विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जा रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें विकास के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय भय और टकराव का माहौल बनाने में जुटी हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और असहमति जताना सभी का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काना, अफवाह फैलाना और हिंसा को प्रोत्साहित करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव हारने पर EVM और SIR पर उठाते हैं सवाल
सीएम धामी ने कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब चुनावी नतीजे किसी पार्टी के पक्ष में आते हैं तो वही व्यवस्था सही मानी जाती है, लेकिन परिणाम अनुकूल नहीं आने पर ईवीएम और एसआईआर की प्रक्रिया को दोषी ठहराया जाने लगता है।
उन्होंने इसे लोकतंत्र के प्रति दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि चुनावी नतीजों को स्वीकार करना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने श्रीनगर गढ़वाल और रुद्रपुर में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्रा में हिस्सा लिया था। उन्होंने दावा किया कि इन कार्यक्रमों में जनता का उत्साह देखकर स्पष्ट है कि प्रदेश के लोग कांग्रेस के आरोपों से प्रभावित नहीं होने वाले हैं।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अपमान करते हैं, तब कांग्रेस के नेता चुप्पी साध लेते हैं।
सीएम धामी ने अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोली चलाने वाली समाजवादी पार्टी के नेता और राहुल गांधी के मित्र अखिलेश यादव उत्तराखंडवासियों को घुसपैठिया बताते हैं, लेकिन कांग्रेस की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं दिया जाता।
उन्होंने कहा कि भारत में दूसरे देशों से अवैध रूप से आने वाले लोगों को घुसपैठिया कहा जाता है, लेकिन कांग्रेस के सहयोगी दल के नेता उत्तराखंड के लोगों के लिए इस तरह की टिप्पणी करते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड और जेनी कांड का किया जिक्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा सरकार से अंकिता के हत्यारों को सजा दिलाने को लेकर सवाल करती है, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े पुराने विवादों पर चुप्पी साध लेती है।
सीएम धामी ने तंदूर कांड और जेनी कांड का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए उत्तराखंड का मान-सम्मान और स्वाभिमान प्राथमिकता में नहीं है। उसके लिए गठबंधन की राजनीति ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि की जनता कांग्रेस और उसके नेताओं की राजनीति को समझ चुकी है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता केवल बयानबाजी करते हैं, लेकिन उनके दावों में दम नहीं है।
सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस जनसभा से पहले सीएम धामी का पूरा संबोधन विपक्ष पर केंद्रित रहा। उन्होंने आगामी राजनीतिक चुनौतियों के बीच कांग्रेस को राज्य के विकास, सुरक्षा, युवाओं और उत्तराखंड के सम्मान जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश की।
