खबररफ़्तार , देहरादून : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP को राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। देहरादून में लोकभवन के गेट के सामने प्रदर्शन करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक और पार्टी के अन्य नेताओं समेत 30 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा 10 से 15 अज्ञात लोगों को भी एफआईआर में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के निर्देशों की अनदेखी की, बैरियर पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया और इससे यातायात तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 और 223 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कथित VIP की नियुक्ति के विरोध में किया था प्रदर्शन
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका और उसे राज्यपाल बनाए जाने को लेकर उत्तराखंड में विरोध हो रहा है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने 15 अक्टूबर को देहरादून में प्रदर्शन किया था।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को घंटाघर से जिला प्रशासन तक कैंडल मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपना था। हालांकि, आरोप है कि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति लोकभवन तक पहुंच गए और उसके मुख्य गेट के सामने विरोध प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और उसकी नियुक्ति से जुड़े सवालों पर जवाब देने की मांग उठाई थी।
पुलिस के निर्देशों की अनदेखी का आरोप
कैंट थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए थे। उन्हें बिना अनुमति आगे नहीं बढ़ने और यातायात बाधित नहीं करने के लिए भी समझाया गया।
एफआईआर के अनुसार, इसके बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने। आरोप है कि उन्होंने पुलिस के निर्देशों की अनदेखी करते हुए बैरियर पार करने और जबरन आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि इस घटनाक्रम के कारण सरकारी कार्य में बाधा आने और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल भी बुलाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
हरीश रावत, गणेश गोदियाल समेत कई नेता नामजद
एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि कैंट थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर की शिकायत के आधार पर 30 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में 10 से 15 अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।
नामजद नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला, गरिमा दोसानी और पूर्व विधायक राजकुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट को सौंपी गई है। जांच के दौरान प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
BNS की धारा 132 और 223 के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 और 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस के निर्देशों की कथित अवहेलना, बैरियर पार करने के प्रयास और सरकारी कार्य में बाधा से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
अब पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और संबंधित आरोपों की जांच करेगी। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
अंकिता भंडारी मामले को लेकर जारी है विरोध
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और कथित VIP की पहचान को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध जारी है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है, जबकि लोकभवन के सामने हुए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है।
इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ प्रदर्शन से संबंधित कानूनी कार्रवाई भी चर्चा में है। अब मामले की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
