चकमा हत्याकांड: ब्लू कॉर्नर नोटिस पर CBI ने भेजी तीन आपत्तियां, 2 नाबालिग समेत 5 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

खबर रफ्तार, देहरादून : चकमा हत्याकांड मामले में पुलिस दो नाबालिग समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
फरार आरोपी की हत्याकांड में व्यक्तिगत आपराधिक भूमिका पर 1600 शब्दों में ब्योरा तलब किया गया है।

एंजेल चकमा हत्याकांड के मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी की नेपाल में तलाशी के लिए शुरू की गई ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तीन आपत्तियां भेजी हैं। इसमें आरोपी की व्यक्तिगत आपराधिक भूमिका के बारे में करीब 1600 शब्दों का विवरण मांगा गया है। साथ ही पंजीकरण और घटना के समय आदि से जुड़ी जानकारी तलब की गई है।

नौ दिसंबर 2025 को सेलाकुई क्षेत्र में दो पक्षों में विवाद हो गया था। इस दौरान एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा पर दूसरे पक्ष के छह लोगों ने हमला कर दिया था। इसमें एंजेल को गंभीर चोटें आईं थीं। इसके बाद उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद एंजेल के गर्दन के पास गंभीर चोट लगने की पुष्टि की थी।
हत्याकांड का मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पुलिस को चकमा देकर नेपाल भाग गया था
पुलिस ने इस मामले में पहले हत्या के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद 26 दिसंबर को एंजेल की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस पर पुलिस ने धाराओं को हत्या में तरमीम कर दिया था। घटना के कुछ दिनों बाद पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिग समेत पांच आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन हत्याकांड का मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पुलिस को चकमा देकर नेपाल भाग गया था।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। उधर, फरार आरोपी यज्ञ राज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू की है। अब सीबीआई ने भारत पोल पोर्टल के माध्यम से इस मामले में तीन आपत्तियां भेजी हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चूंकि इस मामले में छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। ऐसे में यज्ञराज की हत्याकांड में व्यक्तिगत भूमिका कितनी थी, इसका उल्लेख करना जरूरी है। इसके अलावा उसकी मंशा के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।

तीन महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली

एंजेल चकमा की हत्या के करीब तीन महीने बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ सकी है। पुलिस अभी तक मामले की कागजी औपचारिकताएं भी पूरी नहीं कर पाई है। मामले को इंटरपोल के माध्यम से नेपाल सरकार तक भेजने में अभी और समय लग सकता है।

सीबीआई की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब तैयार किए जा रहे हैं। साथ-साथ पुलिस रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की कागजी प्रक्रिया भी पूरी कर रही है। जल्द ही भारतपोल पोर्टल पर जवाब अपलोड किया जाएगा।

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