ख़बर रफ़्तार, पटना: बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) ने कैलाशपति मिश्र की जन्मशताब्दी पर उनकी पुत्रवधू दिलमणि देवी (Dilmani Devi) को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर विधान मंडलदल के नेता विजय सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) और अश्विनी चौबे (Ashwini Choubey) समेत अन्य नेता भी मौजूद थे। सभी ने उनका पार्टी में स्वागत किया।
नीतीश कुमार ने बनाया था महिला आयोग का अध्यक्ष
बता दें कि भाजपा ने 2015 में विधानसभा चुनाव भीष्मपितामह के पुत्रवधू का टिकट काट दिया था। दिलमणि तब भाजपा का सीटिंग विधायक थीं। उन्होंने भाजपा पर सीधे तौर पर धोखा देने का आरोप लगाया था। आहत होकर दिलमणि ने जदयू का दामन थाम लिया था।
दिलमणि देवी पूर्व विधायक हैं और वह बीजेपी के बड़े नेता रहे स्वर्गीय कैलाशपति त्रिपाठी की दत्तक बहू हैं। बीजेपी ने उन्हें 2015 के विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया था। जिसके बाद दिलमणि ने पार्टी से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद उन्होंने जेडीयू का दामन थाम लिया। अभी की तरह ही उस समय भी नीतीश कुमार की पार्टी का राज्य में आरजेडी (RJD) और कांग्रेस (Congress) के साथ महागठबंधन (सरकार) था, लेकिन इस बार वो जदयू छोड़कर कैलाशपति मिश्र के जन्मशताब्दी समारोह के अवसर पर भाजपा में शामिल हो गईं।
कैलाशपति मिश्र को जानिए
बिहार जनसंघ (भारतीय जनसंघ) में और बाद में बीजेपी को ज़मीनी स्तर पर लामबंद और वाद-विवाद करने में कैलाशपति मिश्र ने अहम भूमिका निभाई। कैलाशपति मिश्र ने 1971 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ के टिकटों पर पटना से लड़ाई की, पर हार गए।
उन्होंने 1995 से 2003 तक भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2003 में उन्हें गुजरात (Gujrat News) का राज्यपाल (Governor) बनाया गया। वे राजस्थान (Rajasthan News) के कार्यवाहक राज्यपाल भी रहे। उत्तर प्रदेश और झारखंड (Jharkhand news) के राज्य प्रभारी भी रहे।

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