खबर रफ़्तार, रुद्रपुर :भाई दूज का त्योहार आज यानि बुधवार को मनाया जा रहा है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। भैया दूज के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली पर्व भी आज पूर्ण हो जाएगा। रक्षा बंधन की तरह भाई दूज भी भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता को दर्शाता है।
भैया दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस साल भाई दूज का पर्व बेहद शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट भी है। भैया दूज पर बहनें भाई के स्वागत के लिए तरह-तरह के पकवान बनाती हैं। भाई को तिलक लगाने के लिए पूजा की खास थाली तैयार की जाती है। फिर भाई को तिलक लगातर उनकी लंबी उम्र और तरक्की की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं।
भाई दूज का त्योहार आज यानि बुधवार को मनाया जा रहा है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। भैया दूज के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली पर्व भी आज पूर्ण हो जाएगा। रक्षा बंधन की तरह भाई दूज भी भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता को दर्शाता है।
भैया दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस साल भाई दूज का पर्व बेहद शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट भी है। भैया दूज पर बहनें भाई के स्वागत के लिए तरह-तरह के पकवान बनाती हैं। भाई को तिलक लगाने के लिए पूजा की खास थाली तैयार की जाती है। फिर भाई को तिलक लगातर उनकी लंबी उम्र और तरक्की की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं।
भाई दूज पर तिलक का विशेष महत्व
भाई दूज के दिन भाइयों को तिलक लगाने का विशेष महत्व है। मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन सबसे पहले यमुना ने अपने भाई यमराज को तिलक लगाया था। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि के लिए तिलक लगाती हैं। कहते हैं कि इससे भाई को सभी सुखों की प्राप्ति होती है और कभी अकाल मृत्यु नहीं होती।
