ख़बर रफ़्तार , नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर (सांख्यिकी) के पद पर हुई नियुक्ति को रद्द कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित पद पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार की सिफारिश और चयन को अवैध माना है।
याचिकाकर्ता ने EWS श्रेणी से किया था आवेदन
यह मामला जगदीश चंद्र पुरोहित की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने सहायक प्रोफेसर (सांख्यिकी) के पद के लिए EWS श्रेणी के तहत आवेदन किया था।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी विज्ञापन में यह पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। हालांकि, चयन समिति ने साक्षात्कार में अधिक अंक प्राप्त करने के आधार पर सामान्य वर्ग के एक उम्मीदवार के नाम की नियुक्ति के लिए सिफारिश कर दी।
चयन प्रक्रिया को लेकर उठाया गया सवाल
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दलील दी कि उत्तराखंड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत EWS के लिए आरक्षित पद पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार की नियुक्ति की सिफारिश करना नियमों के अनुरूप नहीं है।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि चयन समिति ने किसी न्यूनतम कट-ऑफ अंक का निर्धारण नहीं किया था। ऐसे में केवल साक्षात्कार में कम अंक मिलने के आधार पर EWS उम्मीदवार को अनुपयुक्त नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट ने चयन सिफारिश की रद्द
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब चयन समिति की ओर से कोई न्यूनतम कट-ऑफ अंक निर्धारित नहीं किए गए थे, तो याचिकाकर्ता को अयोग्य या अनुपयुक्त नहीं माना जा सकता।
पीठ ने कहा कि EWS श्रेणी के लिए आरक्षित पद पर सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार पर तभी विचार किया जा सकता है, जब उपयुक्त EWS उम्मीदवार उपलब्ध न हो।
तीन सप्ताह में नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश
हाईकोर्ट ने प्रतिवादी उम्मीदवार के पक्ष में की गई चयन सिफारिश को रद्द कर दिया। साथ ही विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि जगदीश चंद्र पुरोहित के आवेदन पर EWS श्रेणी के तहत विचार किया जाए।
अदालत ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता के पक्ष में तीन सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। फैसले के बाद अब विश्वविद्यालय को हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
