- फरार चल रहे जमील अहमद की तलाश तेज, लुकआउट नोटिस होगा जारी
- एसएससी ने की अपील- पीड़ित लोग सामने आएं और अपनी एफआईआर दर्ज कराएं
ख़बर रफ़्तार, रुद्रपुर : सामिया लेक सिटी में घोटाले की परतें खुलती जा रही हैं। पांच और लोग पुलिस के सामने पहुंचे हैं जिनसे फ्लैट और जमीन के नाम पर धोखाधड़ी कर पैसा ले लिया गया लेकिन कब्जा नहीं दिया गया। एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी का कहना है कि सामिया लेक सिटी के डायरेक्टर सगीर अहमद और मार्केटिंग मैनेजर तस्लीम के जेल जाने के बाद अब लोग सामने आने लगे हैं। पांच और लोग सामने आए हैं जिनसे धोखाधड़ी की गई है। इन लोगों के मुकदमे भी पंजीकृत किए जा रहे हैं। इसके साथ ही एसपी सिटी मनोज कत्याल के निर्देशन में एसआईटी गठित कर दी गई है जो सामिया लेक सिटी से जुड़े मामलों की पड़ताल करेगी और जो नाम भी सामने आएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
आपको बताते चलें कि लालकुआं के रहने वाले 4 लोगों ने एसएसपी से सामिया लेक सिटी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि उनसे लाखों रुपए लेने के बाद भी कंपनी ने न तो प्लॉट दिया और न ही फ्लैट। सीओ की जांच में सामने आया कि सामिया लेकसिटी के द्वारा फर्जी रजिस्ट्री भी की गई हैं। सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद इस मामले में सामिया लेकसिटी के एमडी जमील अहमद, डायरेक्टर सगीर अहमद पर मुकदमें दर्ज कर लिए गए थे। बाद में रजिस्ट्री में तस्लीम का नाम खुलने पर उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जमील अहमद अभी इस मामले में फरार चल रहा है।
एसएससी का कहना है कि उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ ही गैंगस्टर का केस भी दर्ज किया जाएगा। मुकदमे दर्ज होने के बाद इस मामले में अब कार्रवाई तेज कर दी गई है। एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी गठित कर दी गई है जिसका इंचार्ज एसपी सिटी मनोज कत्याल को बनाया गया है। एसएसपी का कहना है कि इस मामले में ध्वस्तीकरण और संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की कि जो लोग भी सामिया की ठगी का शिकार हुए हैं, वह अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज करा सकते हैं।

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