खबर रफ्तार, देहरादून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिनमें दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और कई जल विद्युत एवं बुनियादी ढांचा योजनाएं शामिल हैं।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें ब्रह्मकमल का स्मृति चिन्ह भेंट किया, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शॉल और नंदा देवी राजजात यात्रा से जुड़ा स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
करीब 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बना 210–213 किलोमीटर लंबा दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे अब जनता को समर्पित कर दिया गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून के आशारोड़ी तक पहुंचता है। इसके शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय घटकर लगभग ढाई से तीन घंटे रह जाएगा।
इस परियोजना की खास बात इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जिसे एशिया का सबसे लंबा माना जा रहा है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन तेज रफ्तार से चल सकें और वन्यजीवों की आवाजाही भी सुरक्षित बनी रहे। इसके अलावा 100 से अधिक अंडरपास, कई फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और एक सुरंग भी बनाई गई है।
नितिन गडकरी ने इसे उत्तराखंड के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। उन्होंने भविष्य में कई अन्य सड़क और रोपवे परियोजनाओं की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से उत्तराखंड में विकास की रफ्तार तेज हुई है और यह परियोजना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
कुल मिलाकर यह एक्सप्रेसवे दिल्ली–एनसीआर और उत्तराखंड के बीच यात्रा को न सिर्फ तेज बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को भी नई गति देगा।

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