ख़बर रफ़्तार, हरिद्वार : Haridwar कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे व्यस्त चरण की ओर बढ़ रही है। अब तक 76 लाख से अधिक कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो चुके हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को और मजबूत कर दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया मेले का निरीक्षण
सोमवार को उत्तराखंड के आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे और डीआईजी गढ़वाल धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कांवड़ पटरी, बैरागी कैंप और अन्य प्रमुख स्थानों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और पुलिस बल की तैनाती का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने कांवड़ियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं पर उनका फीडबैक भी लिया।
यातायात और सुरक्षा पर विशेष फोकस
आईजी एसटीएफ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस बार लागू किए गए नए ट्रैफिक प्लान की लगातार समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर मौके की स्थिति के अनुसार बदलाव भी किए जाएंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
डाक कांवड़ को लेकर बढ़ी चुनौती
पुलिस प्रशासन का अनुमान है कि 4 अगस्त को पंचक समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और तेजी आएगी। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं, डाक कांवड़ शुरू होने के बाद कांवड़ पटरी पर भीड़ कम होगी, लेकिन हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है, ताकि यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

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