Ramnagar के रिसॉर्ट में GST विभाग की छापेमारी, ₹2.5 करोड़ की राजस्व क्षति का मामला उजागर; एक करोड़ जमा

खबररफ़्तार , रामनगर : उत्तराखंड के रामनगर में राज्य कर विभाग ने कर संबंधी अनियमितताओं की जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम भलोन स्थित एक रिसॉर्ट में छापेमारी के दौरान कारोबारी दस्तावेजों और खातों की जांच की गई। विभाग के अनुसार, इस जांच में करीब ढाई करोड़ रुपये की राजस्व क्षति का मामला सामने आया है। कार्रवाई के बाद रिसॉर्ट प्रबंधन ने देर रात एक करोड़ रुपये जमा करा दिए, जबकि शेष राशि जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया है।

विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि उत्तराखंड में पर्यटकों को सेवाएं देने के बावजूद बिलिंग दूसरे राज्य में दिखाए जाने की व्यवस्था अपनाई जा रही थी। इससे राज्य के कर राजस्व पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। फिलहाल विभाग मामले से जुड़े दस्तावेजों और कारोबारी गतिविधियों की जांच कर रहा है।

मुख्यमंत्री धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

राज्य कर विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई। आयुक्त कर प्रतीक जैन के निर्देश और अपर आयुक्त कुमाऊं राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में छापेमारी की योजना तैयार की गई थी।

इस कार्रवाई के लिए संयुक्त आयुक्त, राज्य कर हल्द्वानी की ओर से तीन टीमों का गठन किया गया। टीमों ने संबंधित रिसॉर्ट के कारोबारी दस्तावेजों, खातों और कर संबंधी रिकॉर्ड की जांच की।

विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य कर संबंधी अनियमितताओं का पता लगाना और राज्य के राजस्व हितों की रक्षा करना है।

कई महीनों से निगरानी कर रही थी एसआईबी की टीम

राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) पिछले कई महीनों से संबंधित रिसॉर्ट की व्यावसायिक गतिविधियों और दाखिल कर विवरणियों पर नजर रख रही थी।

निगरानी के दौरान सामने आई विसंगतियों के आधार पर टीम ने रामनगर के ग्राम भलोन स्थित रिसॉर्ट में पहुंचकर जांच की। इस दौरान कारोबार से संबंधित खातों, बिलों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई।

विभाग के मुताबिक, जांच में करीब ढाई करोड़ रुपये की राजस्व क्षति का मामला सामने आया। इसके बाद रिसॉर्ट प्रबंधन से कर संबंधी देनदारियों को लेकर कार्रवाई की गई।

एक करोड़ रुपये जमा, शेष राशि जल्द देने का आश्वासन

विभाग के अनुसार, संबंधित रिसॉर्ट की ओर से वर्ष 2025 से उत्तराखंड राज्य कर का भुगतान नहीं किया जा रहा था। छापेमारी और दस्तावेजों की जांच के बाद प्रबंधन ने एक करोड़ रुपये तत्काल जमा करा दिए।

शेष धनराशि भी जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, विभागीय कार्रवाई में सामने आई कुल अनुमानित राजस्व क्षति और जमा कराई गई राशि के बीच अभी अंतर है। शेष राशि के भुगतान तथा अंतिम देनदारी की स्थिति आगे की जांच और विभागीय प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

दूसरे राज्यों में बिलिंग दिखाने का मामला भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान एक अहम बिंदु यह सामने आया कि उत्तराखंड में पर्यटकों को सेवाएं देने के बावजूद बिल दूसरे राज्यों में स्थित मुख्यालयों के नाम से जारी किए जा रहे थे।

राज्य कर विभाग के अनुसार, कुछ रिसॉर्ट संचालक और सेवा प्रदाता उत्तराखंड में कारोबार करते हैं, लेकिन बिलिंग की व्यवस्था दूसरे राज्यों में स्थित अपने कार्यालयों के माध्यम से दिखाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में लेनदेन की वास्तविक प्रकृति और लागू कर नियमों के आधार पर राज्य के राजस्व पर प्रभाव पड़ सकता है।

विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि संबंधित कारोबार में बिलिंग और कर भुगतान किस प्रकार किया जा रहा था। दूसरे राज्य में बिलिंग दिखाना अपने आप में कर चोरी का अंतिम प्रमाण नहीं है; इसके लिए संबंधित लेनदेन और लागू कर प्रावधानों की जांच जरूरी होती है।

SGST और CGST राजस्व पर पड़ सकता है असर

राज्य कर विभाग ने बताया कि उत्तराखंड में पर्यटन सेवाओं का कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों की बिलिंग और कर भुगतान की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। यदि कारोबारी गतिविधियों और कर विवरणियों में विसंगतियां पाई जाती हैं, तो इससे राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के राजस्व पर असर पड़ सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। रामनगर, नैनीताल और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में संचालित रिसॉर्टों के रिकॉर्ड की जांच को भी इसी कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है।

रामनगर और नैनीताल के पर्यटन कारोबार पर विभाग की नजर

रामनगर और नैनीताल क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां रिसॉर्ट, होटल और अन्य पर्यटन सेवाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में राज्य कर विभाग इन प्रतिष्ठानों की कारोबारी गतिविधियों और कर भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की निगरानी कर रहा है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन क्षेत्रों में संचालित प्रतिष्ठानों की व्यावसायिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

छापेमारी में ये अधिकारी रहे मौजूद

ग्राम भलोन स्थित रिसॉर्ट में की गई कार्रवाई के दौरान राज्य कर विभाग की एसआईबी टीम के सहायक आयुक्त हरि ओम वर्मा, शिशपाल सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

फिलहाल इस मामले में विभागीय जांच जारी है। कार्रवाई के दौरान सामने आई विसंगतियों, कर देनदारी और शेष राशि के भुगतान को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों और अंतिम कर देनदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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