Delhi में भ्रामक पोस्ट और AI डीपफेक पर पुलिस का एक्शन, करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट और हैंडल हटाए

ख़बर रफ़्तार , नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो, गलत जानकारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार फर्जी कंटेंट साझा किए जाने के मामलों में करीब 500 पोस्ट और हैंडल हटवाए गए हैं।

पुलिस ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजने और उनसे पत्राचार करने के बाद की है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि भ्रामक और भड़काऊ सामग्री के जरिए माहौल खराब करने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके।

पुराने वीडियो को नया बताकर किया जा रहा था साझा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री की निगरानी कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, निगरानी के दौरान कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए, जिनमें दूसरी जगहों की घटनाओं या पुराने वीडियो को मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर पेश किया जा रहा था। इसके अलावा, AI की मदद से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो और भड़काऊ संदेश साझा किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

पुलिस का कहना है कि ऐसी सामग्री लोगों के बीच भ्रम पैदा कर सकती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसी के मद्देनजर संबंधित पोस्ट और हैंडल हटवाने की कार्रवाई की गई।

संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ FIR

दिल्ली पुलिस ने केवल पोस्ट हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। पुलिस के अनुसार, फर्जी खबरें और भड़काऊ सामग्री फैलाने के संदेह में कुछ अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।

इसके साथ ही कुछ विदेशी और सीमा पार से संचालित होने की आशंका वाले सोशल मीडिया हैंडल्स की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन अकाउंट्स के जरिए सामग्री किस उद्देश्य से साझा की गई और इसके पीछे कौन लोग हैं।

हालांकि, संदिग्ध अकाउंट्स की भूमिका और उनके पीछे मौजूद लोगों के संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

24 घंटे सोशल मीडिया पर निगरानी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एक्स (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा है। प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए गए हैं कि आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री वाले यूआरएल की जानकारी मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करें।

पुलिस ने संदिग्ध अकाउंट्स से जुड़े आईपी एड्रेस और यूजर लॉग्स का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है। इससे जांच के दौरान संबंधित अकाउंट्स के संचालन और उनके पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

नागरिकों से अफवाहों से बचने की अपील

दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे किसी भी वीडियो, संदेश या दावे को बिना सत्यापन के साझा न करें। विशेष रूप से पुराने वीडियो और AI से तैयार सामग्री को मौजूदा घटनाओं से जोड़कर प्रसारित करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है।

पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकना और राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद करना है।

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