खबर रफ्तार, लखनऊ : ईरान संकट के बीच खाड़ी देशों में चल रहे तनाव का सीधा असर यूपी के निर्यात पर पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक इसमें छह हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब उत्तर प्रदेश के निर्यातकों पर भी दिखने लगा है। राज्य का सालाना कुल निर्यात लगभग 1.86 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है, जिसमें खाड़ी देशों की हिस्सेदारी सीमित लेकिन अहम है। निर्यातकों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष लंबा खिंचता है तो लॉजिस्टिक लागत, ऑर्डर और भुगतान चक्र प्रभावित हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक निर्यात संयुक्त अरब अमीरात को होता है। उपलब्ध व्यापार आंकड़ों के अनुसार राज्य से यूएई को सालाना लगभग 5,000 से 6,000 करोड़ के उत्पाद भेजे जाते हैं। यह यूपी के कुल निर्यात का लगभग 5-6 प्रतिशत हिस्सा है।
चर्म निर्यात परिषद के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद इकबाल के मुताबिक यूएई को मुख्य रूप से रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़ा और लेदर उत्पाद (कानपुर क्लस्टर), बासमती चावल, हैंडीक्राफ्ट (मुरादाबाद पीतल उत्पाद) और इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन को भी यूपी से कृषि उत्पाद, मीट उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और निर्माण सामग्री भेजी जाती है।

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