खबर रफ्तार, जर्मनी: रक्षा मंत्री Rajnath Singh अपने आधिकारिक दौरे पर Berlin पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत और जर्मनी के मजबूत होते संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते हर क्षेत्र में लगातार मजबूत हुए हैं।
जर्मनी—भारत का सबसे बड़ा यूरोपीय व्यापार साझेदार
रक्षा मंत्री ने बताया कि Germany यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं, जो औद्योगिक विकास और “मेक इन इंडिया” अभियान को गति दे रही हैं। वहीं भारतीय कंपनियां भी जर्मनी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं।
भारतीय समुदाय—‘लिविंग ब्रिज’
उन्होंने जर्मनी में बसे भारतीयों को दोनों देशों के बीच “लिविंग ब्रिज” बताया। करीब 3.7 लाख भारतीय जर्मनी में रह रहे हैं और उनकी भूमिका दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में अहम है।
भारत की प्रगति पर जोर
रक्षा मंत्री ने भारत की तेज आर्थिक और तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल इनोवेशन में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
75 साल के कूटनीतिक संबंध
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 भारत और जर्मनी के लिए खास है, क्योंकि इस साल दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। ये रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं।
टैगोर को श्रद्धांजलि
Humboldt University of Berlin में उन्होंने Rabindranath Tagore की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में हल्का-फुल्का माहौल
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अमेरिका कई बार जा चुके हैं, लेकिन जर्मनी पहली बार आए हैं, जिस पर दर्शकों ने हंसते हुए प्रतिक्रिया दी।
विदेशों में फंसे भारतीयों पर बयान
पश्चिम एशिया संकट पर उन्होंने कहा कि सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। जरूरतमंद लोग भारतीय दूतावासों से संपर्क कर सकते हैं।
भारत पर कम असर
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया के संकट का भारत पर सीमित असर पड़ा है। देश में तेल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार है, और सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

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