200 उपभोक्ता उत्पादों पर नहीं घटेंगी जीएसटी की दरें

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नई दिल्ली. जीएसटी परिषद की अगले हफ्ते प्रस्तावित बैठक से पहले अधिकारियों के एक पैनल ने करीब 200 प्रमुख उपभोक्ता उत्पादों पर दरों में कटौती की मांग खारिज कर दी है। इनमें रेडी-टू-ईट-फूड से लेकर जल्दी खराब होने वाले फल, ब्रांडेड नमकीन, डेयरी उत्पाद, एथनॉल, बायो-डीजल, तंबाकू तथा हथकरघा उत्पाद शामिल हैं।

केंद्र और राज्यों के राजस्व अधिकारियों वाले फिटमेंट पैनल के मुताबिक इनमें से कुछ वस्तुएं 18 और 28 फीसदी के ऊंचे कर दायरे में आती हैं। इनमें बदलाव नहीं होगा। कुछ वस्तुओं की सूची मंत्री-स्तरीय समिति के पास विचाराधीन हैं, जो जीएसटी परिषद को अंतरिम रिपोर्ट जल्द सौंप सकती है। पैनल ने कार्टन, प्लास्टिक की बोतलें, पाउच और प्लास्टिक कप के संबंध में टैक्स ढांचे में एकरूपता लाने के लिए टेट्रा पैक पर जीएसटी दर बढ़ाने की सिफारिश की है।

निजी संस्थाओं की ओर से आयात किए जाने वाले रक्षा उपकरणों को आइजीएसटी से छूट की सिफारिश की गई है। पैनल ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स में लेन-देन को अधिक प्रभावी तरीके से ट्रैक करने के लिए टैक्स नेट को व्यापक बनाने पर जोर दिया है।

पैनल ने कहा कि एथनॉल पर 18 फीसदी जीएसटी और बायो-डीजल पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है। यह पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क की तुलना में कम है। ये उत्पाद पहले से जीएसटी की रियायती दर पर हैं। इनकी दर में कटौती से राजस्व पर बड़ा असर पड़ेगा।

घी-दूध-मक्खन नहीं होंगे सस्ते

फिटमेंट पैनल ने देसी घी, मक्खन और फ्लेवर्ड दूध पर दरों में कमी की मांग को खारिज कर दिया, क्योंकि इसी तरह की अन्य मूल्य वर्धित प्रसंस्कृत चीजों पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है।

एयर कंडीशनर पर जीएसटी दर में इसलिए बदलाव नहीं किया गया, क्योंकि पैनल का कहना है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर पहले से 18% जीएसटी है। दर में कटौती से राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

पैनल ने ट्रेटा पैक उत्पादों पर कर की दर 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी करने का प्रस्ताव किया है।

कट और पॉलिश वाले हीरों पर जीएसटी 0.25% से बढ़ाकर 1.5% करने का सुझाव दिया गया है।

मोबाइल व लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मूल्य वर्धित उत्पाद हैं। इन पर 18% ही जीएसटी का प्रस्ताव।

सेवा क्षेत्र में दरें घटाने पर जोर

पैनल ने सेवा क्षेत्र में दरों में कटौती पर जोर दिया है। इनमें सॉफ्टवेयर सामान, पूंजी बाजार क्षेत्र, ऑनलाइन मीडिया, वाणिज्यिक परियोजनाएं, संपत्ति पर ब्रोकिंग सेवाएं, सावधि बीमा प्रीमियम, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और बैटरी, हवाई जहाज से माल ढुलाई, व्यापार मेले में भागीदारी आदि शामिल हैं।

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