खबर रफ़्तार, देहरादून: यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा मामले में हरिद्वार विवादों के केंद्र में था। ड्यूटी पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट की लापरवाही सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा मामले में हरिद्वार में कार्रवाई की गई है। आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट में ड्यूटी पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट के.एन. तिवारी को ड्यूटी में लापरवाही का दोषी पाया गया है। तिवारी, जो जिला ग्राम्य विकास अभिकरण हरिद्वार में परियोजना निदेशक के पद पर कार्यरत है। प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया गया है।
एसआईटी को सौंपी गई जांच
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने इसे लेकर मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वोपरी है। इसलिए जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी भर्ती परीक्षा में पेपर एक सेंटर से बाहर आने के मामले के हर पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट देगी। सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है।
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने इसे लेकर मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वोपरी है। इसलिए जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी भर्ती परीक्षा में पेपर एक सेंटर से बाहर आने के मामले के हर पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट देगी। सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है।
उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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