ख़बर रफ़्तार , नैनीताल : हरिद्वार जिले के रुड़की निवासी एक मुस्लिम प्रेमी जोड़े को सुरक्षा देने की मांग वाली याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार का हवाला देते हुए जोड़े को सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने रुड़की थाने के एसएचओ को निर्देश दिया कि जोड़े को संभावित खतरे का आकलन किया जाए और परिस्थितियों के अनुसार उचित पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन लोगों से जोड़े को खतरा होने की आशंका है, उन्हें बुलाकर कानून के दायरे में समझाया जाए। इसके साथ ही राज्य सरकार को मामले में अब तक की कार्रवाई और प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
पुलिस को खतरे का आकलन कर सुरक्षा देने के निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। याचिका में महिला और उसके पति ने आरोप लगाया है कि निकाह के बाद उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही, जिन लोगों से खतरा बताया गया है, उन्हें विधि के अनुसार समझाने की कार्रवाई की जाए।
22 अप्रैल 2025 को किया था निकाह
याचिका के मुताबिक, रुड़की थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला और उसके पति एक-दूसरे को कई वर्षों से जानते हैं और साथ रहना चाहते थे। दोनों ने 22 अप्रैल 2025 को अपनी सहमति से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार निकाह किया था।
याचिका में कहा गया है कि निकाह के समय दोनों बालिग थे और एक ही धर्म व जाति से संबंध रखते हैं। हालांकि, महिला के परिजन इस निकाह से नाखुश बताए गए हैं।
परिजनों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप
महिला ने याचिका में आरोप लगाया है कि उसकी अम्मी, अब्बू, भाई और अन्य परिजन उसे तथा उसके पति के परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसी आशंका के चलते दंपती ने पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया था कि महिला, उसके पति और पति के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित थाने को निर्देश दिए जाएं।
सरकार को पेश करनी होगी प्रगति रिपोर्ट
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रुड़की पुलिस को जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अदालत ने राज्य सरकार से भी मामले में प्रगति रिपोर्ट मांगी है। अब पुलिस की ओर से खतरे का आकलन और सुरक्षा के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
नोट: धमकी से जुड़े आरोप याचिका में महिला की ओर से लगाए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई और अदालत के निर्देशों के अनुपालन की जानकारी संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।
