ख़बर रफ़्तार , नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को कथित तौर पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया। पार्टी की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह समेत अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने, बैरिकेडिंग और कई स्थानों पर पुलिस की तैनाती की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और पुलिस कार्रवाई से संबंधित सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
विमान के अंदर से हिरासत में लिए जाने का दावा
CJP की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया। पार्टी का दावा है कि पुलिस ने एयर इंडिया के विमान के अंदर पहुंचकर यह कार्रवाई की।
हिरासत में लिए जाने से पहले जारी वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा स्थिति आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी द्वारा उठाए गए कदमों से भी बदतर है। उन्होंने यह भी कहा कि वे गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं।
वहीं, सौरभ दास ने आरोप लगाया कि सत्ता के बल पर एक संवैधानिक आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। ये आरोप पार्टी के नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
ध्रुव राठी और पार्टी के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई का दावा
CJP की ओर से यह भी दावा किया गया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्टिविस्ट ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। इसके अलावा पार्टी की कानूनी सेल की प्रमुख रत्ना सिंह और प्रवक्ता मेहर को भी उनके घरों से हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है।
पार्टी के दावों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में प्रदर्शन से पहले कई स्थानों पर पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि, इन सभी मामलों में हिरासत की परिस्थितियों और पुलिस की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है।
बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन की तैयारी
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की जानकारी दी गई है। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं, परिवहन केंद्रों और प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
CJP ने दावा किया कि एक हजार से अधिक स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। पार्टी के मुताबिक, कुछ स्थानीय स्टेडियमों का इस्तेमाल अस्थायी हिरासत केंद्रों के रूप में किया गया है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
CJP ने युवाओं और नागरिकों से आंदोलन आगे बढ़ाने की अपील की
नेताओं की हिरासत के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को जारी रखने की बात कही है। पार्टी ने युवाओं और आम नागरिकों से महात्मा गांधी तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करते हुए आंदोलन की जिम्मेदारी संभालने की अपील की है।
CJP का कहना है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि सामूहिक हिरासत के जरिए लोकतांत्रिक असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कायम CJP
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखने पर अड़ी है। पार्टी के नेताओं की हिरासत के दावों के बीच अब प्रदर्शन के आगे के कार्यक्रम और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में CJP की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बीच अंतर करना जरूरी है। हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति, कार्रवाई के आधार और प्रदर्शन से संबंधित आगे की जानकारी सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
