ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Out Of Turn उत्तराखंड सरकार खिलाड़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां दे रही है, लेकिन नौकरी मिलने के बाद कई खिलाड़ियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। विभागीय जिम्मेदारियों और खेल अभ्यास के बीच संतुलन बनाना उनके लिए कठिन साबित हो रहा है। इस समस्या को देखते हुए खेल विभाग और राज्य सरकार अब नई नीति तैयार करने पर विचार कर रहे हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी जा रही हैं। हालांकि, कई खिलाड़ियों का कहना है कि नौकरी के बाद नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर के एथलीट सूरज पंवार, जो वर्तमान में युवा कल्याण विभाग में कार्यरत हैं, ने बताया कि नौकरी के शुरुआती दौर में विभागीय प्रशिक्षण और खेल प्रतियोगिताओं के बीच समय का संतुलन बनाना मुश्किल हो गया था। बाद में विभागीय अधिकारियों के सहयोग से इस समस्या का समाधान निकाला गया। वहीं वन विभाग में कार्यरत एथलीट अंकित रावत का कहना है कि कई विभागों में खिलाड़ियों पर कार्यालयी जिम्मेदारियों का दबाव अधिक रहता है, जिससे उनके प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
खेल निदेशक दीप्ति सिंह ने भी माना कि यह एक व्यावहारिक और गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि उन्हें खेलों में आगे बढ़ने का अवसर भी उपलब्ध कराना है। इस विषय को विभागीय मंत्री और विशेष सचिव के संज्ञान में लाया जा चुका है तथा खिलाड़ियों के हित में नई नीति बनाने पर विचार किया जा रहा है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में ही नियुक्ति मिले, ताकि उन्हें खेल के अनुकूल माहौल मिल सके। उन्होंने स्वीकार किया कि वन, पुलिस, शिक्षा और अन्य विभागों में कार्यरत खिलाड़ियों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने के लिए समय पर अवकाश भी नहीं मिल पाता।
मंत्री ने बताया कि भविष्य में होने वाली आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि खिलाड़ियों को ऐसे विभागों में नियुक्ति मिले, जहां वे नौकरी के साथ अपने खेल करियर को भी बिना बाधा जारी रख सकें। उन्होंने संकेत दिए कि अगस्त या सितंबर तक नई नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि राज्य में अब तक आउट ऑफ टर्न योजना के तहत 29 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, जबकि राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लगभग 243 खिलाड़ी अभी भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की प्रस्तावित नीति खिलाड़ियों के भविष्य और उत्तराखंड के खेल विकास के लिए अहम साबित हो सकती है।

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