ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Nitin Naveen राहुल गांधी को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान पर उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने एक बार फिर नितिन नवीन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष को पहले अपनी पार्टी के भीतर फैला ‘रायता’ समेटना चाहिए और उसके बाद जनता को ज्ञान देने की कोशिश करनी चाहिए।
यशपाल आर्य ने कहा कि नितिन नवीन उत्तराखंड की जनता के सवालों का जवाब देने नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर चल रही नाराजगी, गुटबाजी और कार्यकर्ताओं के असंतोष को संभालने हल्द्वानी आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भाजपा के प्रदेश संगठन और सरकार में सब कुछ ठीक है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष को बार-बार उत्तराखंड आकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संभालने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
बंद कमरों की बैठक पर कांग्रेस का निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली से भाजपा के बड़े नेता उत्तराखंड आते हैं, बंद कमरों में बैठकें करते हैं और कार्यकर्ताओं को समझाने के बाद बाहर निकलकर सब कुछ ठीक होने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर भाजपा संगठन के साथ जनता भी परेशान है।
यशपाल आर्य ने भाजपा अध्यक्ष से कार्यकर्ताओं की कथित नाराजगी, नेताओं की गुटबाजी और सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष को लेकर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही उत्तराखंड की जनता को यह बताने की कोशिश की जाए कि प्रदेश में सब कुछ ठीक है।
‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
यशपाल आर्य ने राम और सामाजिक समरसता के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर राजनीति करने वालों को पहले भगवान राम के आदर्शों को समझना चाहिए। उनके मुताबिक भगवान राम ने कभी इंसान को उसकी पहचान के आधार पर छोटा-बड़ा नहीं माना।
उन्होंने सवाल उठाया कि रामलीला के मंच पर किसी व्यक्ति के साथ ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर कथित भेदभाव की स्थिति क्यों बनी। आर्य ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ उसकी सामाजिक पहचान के आधार पर कथित तौर पर ऐसा व्यवहार हुआ है, तो यह सिर्फ उस व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि उत्तराखंड की उस परंपरा का भी अपमान है, जिसमें हर वर्ग और समाज के सम्मान की बात की जाती है।
रोजगार, महंगाई और पलायन पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश के बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा रोजगार के लिए परेशान है, आम आदमी महंगाई से जूझ रहा है और पहाड़ पलायन की समस्या का सामना कर रहे हैं। वहीं अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जनता रोजगार, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा पर सरकार से जवाब मांग रही है, लेकिन भाजपा नेता इन मुद्दों का जवाब देने के बजाय लगातार बैठकें कर रहे हैं।
‘जनता भाजपा से पांच साल के काम का हिसाब मांगेगी’
यशपाल आर्य ने कहा कि दिल्ली से भाजपा के कितने भी बड़े नेता उत्तराखंड आ जाएं, लेकिन जनता के सवालों से बचा नहीं जा सकता। उनके अनुसार प्रचार, पोस्टर, भाषण और कार्यक्रमों से जमीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती।
उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हल्द्वानी में संगठन का हिसाब लेने आए हैं, लेकिन अब उत्तराखंड की जनता भाजपा से पांच साल के काम का हिसाब लेने के लिए तैयार है। रोजगार, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ सामाजिक सम्मान और भाईचारे से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को जवाब देना होगा।
कांग्रेस ने जनता के मुद्दे उठाने का किया दावा
यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड की साझा संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और हर व्यक्ति के सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को सदन से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी और भाजपा सरकार की कथित नाकामियों, अंतर्कलह तथा विभाजनकारी राजनीति को जनता के सामने रखेगी।

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