ख़बर रफ़्तार, उत्तरकाशी : Uttarakhand Monsoon की सक्रियता के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण सांकरी–गंगाड़–ओसला मोटर मार्ग पर स्थित हलारा और पूर्ति खड्ड उफान पर हैं। तेज बहाव के चलते क्षेत्र के पांच गांवों का संपर्क टूटने का खतरा पैदा हो गया है।
बारिश के कारण दोनों खड्डों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई स्थानों पर पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। ऐसे में वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका गांवों का संपर्क मोरी मुख्यालय से पूरी तरह कट सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों खड्डों पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण हर मानसून में यही स्थिति बन जाती है। इस बार भी दोपहिया वाहनों को पार कराने के लिए कई लोगों की मदद लेनी पड़ रही है, जबकि चारपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए भी खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीण नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा और वरदान सिंह ने बताया कि बरसात शुरू होते ही पूरा क्षेत्र लगभग देश-दुनिया से कट जाता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से पुल निर्माण और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
ग्रामीणों ने चिंता जताई कि इस समय क्षेत्र में सेब, राजमा और चौलाई जैसी नगदी फसलों की तैयारियां चल रही हैं। यदि सड़क लंबे समय तक बाधित रही तो किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कत होगी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही मरीजों, स्कूली बच्चों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होगी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बरसात के दौरान लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, सड़क पर आवागमन यथासंभव सुचारू रखने, आपदा मद से वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित करने और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर रुद्रप्रयाग में भी लगातार मूसलधार बारिश का असर देखने को मिल रहा है। एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जनपद के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने अलकनंदा, मंदाकिनी सहित सभी नदियों, गदेरों और बरसाती नालों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील भी की है।

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