ख़बर रफ़्तार, रामपुर : Jauhar University रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के बाद छात्र-छात्राएं लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना जारी है, जहां छात्र इस आदेश को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान की पत्नी और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. तंजीम फातिमा भी धरनास्थल पहुंचीं। उन्होंने छात्रों के साथ बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मीडिया से बातचीत में डॉ. तंजीम फातिमा ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक संस्थान की नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य की है। उन्होंने बताया कि उन्हें यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्राधिकरण के आदेश को अदालत में चुनौती दी जा चुकी है और उन्हें न्यायपालिका से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उनके अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी शिक्षा के उद्देश्य से स्थापित की गई थी और इससे जुड़े फैसलों में छात्रों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों की मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं प्रशासन का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है। दूसरी ओर छात्र और समाजवादी पार्टी के नेता इस कार्रवाई को छात्रों के हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध कर रहे हैं। अब इस पूरे मामले में सभी की नजरें अदालत की अगली सुनवाई और प्रशासन के आगामी कदमों पर टिकी हैं।

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