ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Uttarakhand में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें विद्यार्थियों को एहतियात के तौर पर मास्क पहनकर स्कूल आने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और फ्लू जैसे लक्षण होने पर स्कूल न जाने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अलग-अलग स्तरों पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर बच्चों में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
स्कूलों को दिए गए ये निर्देश
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को एडवाइजरी के संबंध में पत्र भेजा है। सीएमओ के मुताबिक, स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने और जरूरत के अनुसार मास्क के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन विद्यार्थियों में बुखार, खांसी, गले में खराश या फ्लू जैसे अन्य लक्षण दिखाई दें, उन्हें स्कूल नहीं भेजने की सलाह दी गई है। इससे दूसरे बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सकेगा।
आम लोगों के लिए भी जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग आम जनता के लिए भी एडवाइजरी जारी करने की तैयारी कर रहा है। विभाग लोगों को H1N1 के लक्षणों और इससे बचाव के तरीकों की जानकारी देगा। सीएमओ ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति की बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। ऐसे में सावधानी और व्यक्तिगत स्वच्छता संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
देहरादून में 24 घंटे में मिले 8 नए केस
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान H1N1 के 8 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 565 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 372 मामले देहरादून जिले से हैं, जबकि 193 मरीज दूसरे जिलों या राज्यों से संबंधित हैं।
वर्तमान में देहरादून और ऋषिकेश में कुल 78 एक्टिव केस बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक्टिव मरीजों में ज्यादातर का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। इनमें कई ऐसे मरीज भी हैं, जिन्हें पहले से कोई अन्य बीमारी यानी कॉमॉर्बिडिटी है।
दो मौतों की हुई पुष्टि
स्वाइन फ्लू से हुई मौतों के मामलों की ऑडिट रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब तक दो मौतों की पुष्टि H1N1 के कारण होने की बात कही है। संक्रमण के उपचार के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में अलग से आइसोलेशन बेड चिह्नित किए गए हैं। इसके साथ ही अस्पतालों में फ्लू ओपीडी भी संचालित की जा रही है।
फ्लू के लक्षण दिखें तो बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद को दूसरों से अलग रखें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। जरूरत के अनुसार मास्क पहनें और हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। विभाग का कहना है कि H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी, समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह के जरिए संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।

+ There are no comments
Add yours