ख़बर रफ़्तार, नई दिल्ली : इंडिगो ने माना है कि योजना के स्तर पर उनसे चूक हुई, जिसके चलते क्रू की समस्या गंभीर हुई। अब एयरलाइन ने डीजीसीए से 10 फरवरी तक नियमों में छूट देने की मांग की है ताकि हालात को संभाला जा सके।
इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट अभी कुछ दिनों तक और जारी रहेगा। ऐसे में लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। एयरलाइन ने माना है कि वे क्रू की समस्या का अंदाजा नहीं लगा सके और योजना बनाने के स्तर पर उनसे गलती हुई। अब एयरलाइन ने सरकार से 10 फरवरी तक नियमों में छूट देने की मोहलत मांगी है।
शुक्रवार को इंडिगो की 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द
शुक्रवार को इंडिगो की 400 से ज्यादा उड़ानें अब तक रद्द हो चुकी हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी भी हुई है। दिल्ली हवाई अड्डे पर ही 220 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं, जिनमें आगमन और प्रस्थान वाली दोनों उड़ानें शामिल हैं। बंगलूरू हवाई अड्डे पर 100 से ज्यादा उड़ानों के रद्द होने की खबर है। हैदराबाद एयरपोर्ट पर 90 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। इनके अलावा देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी कई उड़ानों में देरी हुई है।
एयरलाइन ने कहा है कि ठंड के मौसम में जब धुंध और भीड़ रहती है, तब क्रू की कमी की समस्या और गंभीर हो गई। इंडिगो ने कहा है शेड्यूल को स्थिर करने की कोशिशें अगले दो-तीन और जारी रह सकती हैं। जिससे और उड़ानें कैंसिल होंगी। हालांकि 8 दिसंबर से एयरलाइन अपने फ्लाइट ऑपरेशन कम कर देगी, जिससे उड़ानें रद्द होने की समस्या कम हो सकती है।
इंडिगो ने नियमों में छूट की मांग की
एयरलाइन ने सरकार से मांग की है कि पायलटों के आराम और नाइट ड्यूटी के नियमों में 10 फरवरी तक छूट दी जाए। डीजीसीए ने एयरलाइन की इस मांग की पुष्टि की है। डीजीसीए ने एक बयान जारी कहा कि यात्रियों की परेशानी को कम करने और सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए इंडिगो ने एफडीटीएल के नियमों में कुछ छूट देने की मांग की है। इंडिगो ने डीजीसीए को भरोसा दिलाया है कि हालात को सामान्य करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए नाइट ड्यूटी को, जिसे आधी रात से सुबह 5 बजे से बदलकर आधी रात से सुबह 6 बजे किया जा रहा था, उसे कुछ समय के लिए वापस ले लिया गया है। इसके अलावा, रात में दो बार लैंडिंग की लिमिट भी कुछ समय के लिए रोक दी गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने अपने मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों के साथ बीती रात समीक्षा बैठक की और हालात का जायजा लिया। सरकार ने कहा कि नवंबर के आखिर से देश भर में उड़ानों के रद्द होने में भारी बढ़ोतरी के बाद वह एयरलाइन के नेटवर्क पर करीब से नजर रख रही है।
DGCA ने सख्त निर्देश जारी किए
इंडिगो एयरलाइन हर दिन 170 से 200 उड़ानें रद्द कर रही है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। बीते दो दिनों में तो एयरलाइन करीब 700 उड़ानें रद्द कर चुकी है। स्थिति को देखते हुए डीजीसीए ने इंडिगो को कई निर्देश जारी किए हैं, जिसमें क्रू की भर्ती करने, ऑपरेशन्स को स्थिर करने के लिए एक योजना बनाने, क्रू की उपलब्धता और शेड्यूलिंग में सुधार पर हर दो हफ्ते में रिपोर्ट देने, और परिचालन सामान्य करने के लिए जरूरी सभी FDTL नियमों में छूट की डिटेल्स देने को कहा गया है। डीजीसीए ने कहा कि वह आने वाले दिनों में इंडिगो के नेटवर्क परफॉर्मेंस और पैसेंजर-हैंडलिंग सिस्टम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जारी रखेगा। डीजीसीए ने एयरपोर्ट्स पर भीड़ को संभालने के लिए पैसेंजर हैंडलिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। ताकि सभी प्रभावित टर्मिनलों पर सपोर्ट सर्विस को मजबूत किया जा सके।
