ख़बर रफ़्तार , गैरसैंण : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित दो दिवसीय विधानसभा सत्र बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र समाप्त होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सदन की कार्यवाही, अनुपूरक बजट और विधेयकों के पारित होने को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सदन में अनुपूरक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक समेत कुल 10 विधेयक पारित किए गए। वहीं, उन्होंने विपक्ष पर हंगामा कर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पारित
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक, दो दिवसीय सत्र के दौरान सरकार ने जरूरी वित्तीय और विधायी कामकाज पूरा किया। सदन में अनुपूरक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक के साथ 9 अन्य विधेयकों को भी ध्वनिमत से पारित कराया गया।
उन्होंने बताया कि इन विधेयकों में वित्तीय प्रबंधन, माल एवं सेवा कर (GST) और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। सरकार का कहना है कि विधायी कार्यवाही के दौरान कई व्यवधान आए, लेकिन इसके बावजूद बजट और विधेयकों को पारित कराया गया।
पहले दिन दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
सुबोध उनियाल ने सत्र के पहले दिन की कार्यवाही का जिक्र करते हुए बताया कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूड़ी तथा पूर्व मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी गई।
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने उत्तराखंड के विकास और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। भुवन चंद्र खंडूड़ी ने मुख्यमंत्री पद के साथ केंद्र सरकार में परिवहन मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। वहीं, हीरा सिंह बिष्ट उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहने के साथ उत्तराखंड सरकार में भी मंत्री रहे थे।
मंत्री के अनुसार, दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि देने की प्रक्रिया में करीब साढ़े छह घंटे का समय लगा। इसके बाद सदन में निर्धारित विधायी कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।
विपक्ष पर सदन में हंगामा करने का आरोप
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सुबोध उनियाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय हंगामे को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, सदन में बजट और विधेयकों पर चर्चा के साथ विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर भी मिलना था, लेकिन व्यवधान के कारण कार्यवाही अपेक्षित तरीके से आगे नहीं बढ़ सकी।
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल, नियम 58 के तहत दी गई सूचनाओं और नियम 310 के तहत उठाए जाने वाले विषयों पर भी चर्चा होनी थी। मंत्री का कहना था कि सदन सामान्य रूप से चलता तो विधायक अपने सवाल और सुझाव रखते तथा सरकार को उनका जवाब देने का अवसर मिलता।
राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर बहस नहीं होने का अफसोस
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट और अन्य विधेयक प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण थे। इनमें वित्तीय प्रबंधन और जीएसटी से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल थे। उनके अनुसार, इन विषयों पर विस्तार से चर्चा होने से विधायकों को अपने सुझाव रखने और सरकार को संबंधित प्रावधानों पर स्थिति स्पष्ट करने का मौका मिलता।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में विधेयक पारित कराने के साथ जनहित के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच संवाद भी जरूरी है। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी।
हालांकि, विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों और सदन में हुए व्यवधानों को लेकर उसका पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ विधानसभा सत्र
भराड़ीसैंण में आयोजित दो दिवसीय विधानसभा सत्र के समापन के साथ सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में सरकार की ओर से किए गए विधायी कार्यों का विवरण दिया।
सरकार के मुताबिक, सत्र के दौरान अनुपूरक बजट और 9 अन्य विधेयक पारित किए गए। वहीं, विपक्ष के हंगामे को लेकर मंत्री ने असंतोष जताते हुए कहा कि इससे जनहित और राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा का अवसर प्रभावित हुआ।
