ख़बररफ़्तार , रामनगर : दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। त्योहार के दौरान उल्लुओं के अवैध शिकार और तस्करी की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। खासतौर पर कॉर्बेट पार्क की दक्षिणी सीमा पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि वन्यजीवों के खिलाफ होने वाली अवैध गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
अंधविश्वास के चलते उल्लुओं पर मंडराता है खतरा
दीपावली को रोशनी, खुशियों और समृद्धि का पर्व माना जाता है। वहीं, कुछ अंधविश्वासी मान्यताओं के कारण इस दौरान उल्लुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है। उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है और कुछ लोग उसकी बलि देने से धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि मिलने जैसी भ्रामक धारणाओं पर विश्वास करते हैं।
इन्हीं मान्यताओं की आड़ में उल्लुओं के अवैध शिकार और तस्करी की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ा दी है।
दक्षिणी सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है। विशेष रूप से पार्क की दक्षिणी सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि शिकार और तस्करी जैसी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने या उनके अवैध शिकार का कोई मामला सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दस साल में उल्लुओं के शिकार का मामला सामने नहीं आया
पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह के अनुसार, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पिछले दस वर्षों के दौरान इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, दीपावली के मद्देनजर विभाग ने एहतियातन निगरानी और गश्त तेज कर दी है, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
वन्यजीवों की सुरक्षा की अपील
कॉर्बेट प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे त्योहार के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा न दें। उल्लू समेत किसी भी वन्यजीव का शिकार करना या उसकी तस्करी करना कानूनन अपराध है। वन्यजीव पर्यावरण और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन का कहना है कि दीपावली खुशियां बांटने का त्योहार है। ऐसे में लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि वे किसी भी बेजुबान जीव की जान को खतरे में नहीं डालेंगे और वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
