तिलक राज बेहड़ पर टिप्पणी करना महंगा पड़ा, प्रदेश नेतृत्व ने कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा को तलब किया

खबर रफ़्तार, रुद्रपुर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और किच्छा से विधायक तिलकराज बेहड़ पर टिप्पणी करना कांग्रेस के नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा को महंगा साबित होता दिख रहा है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें तलब कर लिया है। तिलक राज बेहड़ ने भी इस मामले में पार्टी हाईकमान को सीपी शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो भेजे थे, साथ ही नाराजगी भी जताई थी।

आपको बता दें कि किच्छा से मौजूदा विधायक तिलकराज बेहड़ पर टिप्पणी का मामला गरमाया हुआ है। सीपी शर्मा ने अपनी पहली ही पत्रकार वार्ता में मोर्चा खोलते हुए तिलक राज बेहड़ पर तमाम आरोप लगा दिए थे। यह तक कह डाला था कि वह किच्छा की राजनीति करें, यह भी कहा था कि उनमें हिम्मत है तो वह रुद्रपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं, रुद्रपुर की जनता ने दो बार उन्हें चुनाव हराकर नकार दिया है। हालांकि इससे पहले सीपी शर्मा से असंतुष्ट महानगर कांग्रेस की टीम तिलक राज बेहड़ के आवास पर पहुंची थी जहां बेहड़ ने इन सभी को हाईकमान से बात करने का भरोसा दिलाया था।

सीपी शर्मा की मानें तो बेहड़ ने अपने आवास पर उनके खिलाफ की गई सभा की अगुवाई गलत की, उन्हें एक वरिष्ठ नेता के तौर पर कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करनी चाहिए थी। खैर, तिलक राज बेहड़ पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं, ऐसे में उनकी नाराजगी कहीं न कहीं भारी पड़ती दिख रही है।

सूत्रों की मानें तो सीपी शर्मा को देहरादून तलब कर लिया गया है। प्रदेश नेतृत्व ने उनसे नाराजगी भी जता दी है। हालांकि खबर यहां तक है कि सीपी शर्मा अपने खिलाफ बने माहौल को मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं। डैमेज कंट्रोल के तहत ही वह हाल ही में तिलक राज बेहड़ के भाई सुभाष बेहड़ से भी मिले थे। वह कार्यकर्ताओं के घर भी जा रहे हैं, लेकिन उनके पक्ष में माहौल बनता दिख नहीं रहा।

तिलक राज बेहड़ का साफ कहना है कि जिस तरह सीपी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी की, उसी तरह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

तिलक राज बेहड़ ने निकाय चुनाव में भी हस्तक्षेप न करने का एलान कर दिया है, ऐसे में रुद्रपुर से जो भी प्रत्याशी होगा, उसके सामने मुश्किलें आना तय है। आपको बता दें कि तिलक राज बेहड़ तराई में खासा असर रखते हैं और उनकी राजनीति का बड़ा हिस्सा रुद्रपुर से जुड़ा हुआ है।

वहीं इस मामले में जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा पूरी तरह खामोश हैं। हालांकि वह सभी को गले मिलवाने की बात कर चुके हैं लेकिन मौजूदा मौजूदा परिस्थितियों को किस तरह मैनेज करेंगे यह तो वक्त ही बताएगा।

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