यूपी : सीएम योगी आदित्यनाथ के परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क, अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद हो रही निगरानी

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खबर रफ़्तार, ऋषिकेश: प्रयागराज उत्तर प्रदेश में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। अब उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लाक स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास गांव पंचूर में रह रहे स्वजन की सुरक्षा को लेकर भी प्रदेश पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।

  • अतीक-अशरफ की हत्या

पूर्व में राजस्व क्षेत्र में शामिल रहे इस गांव और ब्लाक को अब रेगुलर पुलिस के अधिकार क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। यमकेश्वर को थाना बना दिया गया था। यहां पहले से तैनात गारद को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रयागराज में बीते दिनों माफिया अतीक अहमद और उसके भाई की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उत्तर प्रदेश में इस घटना के बाद सरकार की ओर से सुरक्षा संबंधी सभी कदम उठाए थे।

योगी मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद यमकेश्वर के पंचूर गांव स्थित घर में पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई थी। तत्काल समय में उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट को एक गनर उपलब्ध कराया गया था। इसके साथ ही आवास पर गारद की तैनाती कर दी गई थी।

  • पुलिस सीएम योगी के परिवार की सुरक्षा को लेकर सतर्क

मुख्यमंत्री योगी के पिता के निधन के बाद गारद की सुविधा उनकी माता को जारी है। उत्तर प्रदेश में उपजे ताजा हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिवार को लेकर भी प्रदेश पुलिस गंभीर है। यमकेश्वर के थानाध्यक्ष उमेश कुमार ने बताया कि थाना बनने होने के बाद नियमित रूप से गारद का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां तक उनके परिवार के सदस्यों से अन्य लोगों के मिलने का सवाल है तो यह परिवार के सदस्यों की इच्छा पर निर्भर करता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल श्वेता चौबे ने बताया कि प्रयागराज की घटना के बाद प्रदेश स्तर पर पुलिस प्रशासन सभी जगह सतर्क हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पैतृक गांव और उनका परिवार पहले से ही पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत है। वहां के थानाध्यक्ष को मुख्यमंत्री के पैतृक आवास और परिवार की सुरक्षा को लेकर नियमित रूप से सक्रिय रहने को कहा गया है। उन्होंने इसे रूटीन प्रक्रिया बताया।

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