ख़बर रफ़्तार, पंचकूला : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को कथित 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) में तैनात थे। इस मामले में सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, दीपक गहलावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पुडुचेरी में नकली दवाओं से जुड़े सीबीआई मामलों में राहत दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले बड़ी रकम की मांग की। इससे पहले सीबीआई दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह मामला जून 2026 में हुई ट्रैप कार्रवाई के बाद सामने आया था।
सीबीआई की छापेमारी में करीब 90 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एजेंसी अब इन साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल में जुटी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि अब पैसों के लेनदेन (मनी ट्रेल) और कथित रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। इसी सिलसिले में सीबीआई अदालत से आरोपी आईपीएस अधिकारी की रिमांड मांग सकती है, ताकि पूछताछ के जरिए पूरे मामले का खुलासा किया जा सके।
दीपक गहलावत हरियाणा के सोनीपत जिले के निजामपुर माजरा गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता हरियाणा पुलिस से सब-इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी मां पीजीआई रोहतक में एएनएम के पद पर कार्य कर चुकी हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

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