ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Mothrowala देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र में एसटीपी प्लांट के समीप प्रस्तावित पशु शवदाह गृह को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। विभिन्न आवासीय सोसाइटियों के पदाधिकारियों और निवासियों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह की सुविधा विकसित करना जनहित के खिलाफ है। लोगों ने नगर निगम से परियोजना को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। इस संबंध में स्थानीय पार्षद सोबत चंद रमोला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त और धर्मपुर विधायक से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
दुर्गंध और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रस्तावित निर्माण स्थल के आसपास कई आवासीय कॉलोनियां, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। लोगों को आशंका है कि पशु शवों के निस्तारण से दुर्गंध और पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित होंगे। उनका आरोप है कि नगर निगम ने स्थानीय जनता से राय लिए बिना निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से यहां अपने घर बनाए हैं और अब इस परियोजना के कारण रहने का वातावरण प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।
विधायक ने भी जताई आपत्ति, नगर निगम करेगा निरीक्षण
स्थानीय विधायक विनोद चमोली ने भी प्रस्तावित स्थल को इस परियोजना के लिए अनुपयुक्त बताया है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में पशु शवदाह गृह बनाया जा रहा है, वहां भविष्य में पार्क, खेल गतिविधियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास की योजना है। ऐसे में आबादी और महत्वपूर्ण संस्थानों के बीच इस तरह का निर्माण उचित नहीं है। वहीं नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने कहा कि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों की टीम जल्द ही स्थल का निरीक्षण करेगी और सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम का कहना है कि परियोजना को आधुनिक इलेक्ट्रिक तकनीक से संचालित करने पर विचार किया जा रहा है ताकि प्रदूषण और दुर्गंध जैसी समस्याओं को न्यूनतम रखा जा सके।
