खबर रफ्तार, नई दिल्ली: 7 फरवरी को देशभर में ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों ने काम बंद करने का एलान किया है। इस हड़ताल को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया गया है, जिसके तहत ड्राइवर अपने मोबाइल एप बंद रखेंगे। इससे कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
अगर आप कल कहीं जाने के लिए ओला, उबर या रैपिडो बुक करने की सोच रहे हैं तो थोड़ी सावधानी बरतें। कल, यानी शनिवार (7 फरवरी) को इन कंपनियों के ड्राइवरों ने देशभर में हड़ताल का एलान किया है। ड्राइवरों ने इसे ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ का नाम दिया है और वे अपना मोबाइल एप बंद रखेंगे। इस वजह से आपको कैब, ऑटो या बाइक टैक्सी मिलने में काफी दिक्कत हो सकती है। अच्छा होगा कि आप अपनी यात्रा के लिए कोई दूसरा इंतजाम जैसे बस या मेट्रो पहले से देख लें।
7 फरवरी की इस बड़ी हड़ताल से पहले भी ड्राइवर और डिलीवरी पार्टनर अपनी मांगों को लेकर कई बार काम बंद कर चुके हैं। अभी हाल ही में 3 फरवरी 2026 को गिग वर्कर्स ने सुरक्षा, बेहतर सैलरी और ’10 मिनट डिलीवरी’ जैसे सिस्टम को बंद करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इससे पहले, 2025 के आखिर में भी बड़े आंदोलन देखे गए, जहां 31 दिसंबर को करीब 50,000 वर्कर्स ने काम रोका और 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन अचानक हड़ताल कर दी गई थी। इतना ही नहीं, मई और जून 2025 में भी महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में लंबी हड़तालें चली थीं। इन सभी विरोध प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ आंदोलन के जरिए कंपनियों की मनमानी रोकना और सरकार से न्यूनतम किराया तय करवाना है।
हड़ताल की मुख्य वजहें वही थीं जो अब हैं
ड्राइवरों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह कम कमाई है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम तो बढ़ रहे हैं लेकिन कंपनियां ड्राइवरों का कमीशन घटाती जा रही हैं। साथ ही, वे अपनी सुरक्षा और नियमों को लेकर भी परेशान हैं। वे ’10 मिनट डिलीवरी’ जैसे दबाव वाले काम का विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार उनका एक न्यूनतम किराया तय करे। सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, अभी हाल ही में 27 जनवरी 2026 को बैंक कर्मचारियों ने भी अपनी मांगों के लिए देशभर में हड़ताल की थी। इन सब हड़तालों की वजह से पिछले कुछ समय से आम लोगों की सुविधाओं और सेवाओं पर काफी बुरा असर पड़ा है।

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