जैसलमेर . जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारत में निर्मित पिनाका एमके-1 के एडवांस वर्जन ने सटीक निशाने साध कर 45 किमी दूर टारगेट को नेस्तनाबूद कर दिया। सेना और डीआरडीओ अधिकारियों की मौजूदगी में अपग्रेडेड रॉकेट प्रणाली के ताबड़तोड़ प्रहार से काल्पनिक शत्रु धराशायी हो गया। यह माना जा रहा है कि पिनाका के इस अपडेट वर्जन से सेना की मारक क्षमता में काफी बढ़ोतरी हो जाएगी। पिनाका के एडवांस वर्जन की कामयाबी पर वहां मौजूद अधिकारियों ने एक दूसरे को बधाई दी। इससे पहले भी पोकरण रेंज में ही गत 9 अप्रेल को पिनाका रॉकेट प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया था।
1980 में डीआरडीओ ने की विकसित करने की शुरुआत: डीआरडीओ ने वर्ष 1980 में पिनाका रॉकेट सिस्टम को विकसित करने की शुरुआत की थी। इसके दस वर्ष बाद पिनाका मार्क वन का परीक्षण भी सफल रहा। पिनाका सिस्टम की एक बैटरी में छह लॉन्चिंग वाहन होते हैं। पिनाका को एक गाइडेड मिसाइल की तरह तैयार किया गया है। यह नई तकनीक से निर्मित है तथा नई जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
मजबूत रॉकेट सिस्टम
75 किलोमीटर तक दुश्मन पर हमला करने की पिनाका में क्षमता। करगिल युद्ध के दौरान पिनाका मार्क-1 का प्रयोग हुआ था।
पिछले 10 वर्ष से पिनाका भारतीय सेना के प्रयोग में लाई जा रही है।
पुणे स्थित एआरडीई ने पिनाका रॉकेटों के लिए फ्यूज विकसित किए हैं।
पिनाका एमके-1 अपग्रेडेड राकेट प्रणाली है, जिसका पूर्व में भी परीक्षण किया गया जो सफल रहा।
पिनाका एमके-1 राकेट प्रणाली की मारक क्षमता लगभग 45 किलोमीटर है, वहीं पिनाका -2 राकेट सिस्टम की मारक क्षमता 60 किलोमीटर है।
डीआरडीओ ने राकेट सिस्टम को गुणात्मक रूप से बेहतर बनाया है।
पिनाका एमके-1 के एडवांस वर्जन का सफल परीक्षण

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