ख़बर रफ़्तार, उत्तरकाशी : uttarkashi उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गाजणा क्षेत्र का एक परिवार पिछले कई वर्षों से अपने मुखिया की घर वापसी का इंतजार कर रहा है। गोरसाड़ा गांव निवासी इंद्रमणि नौटियाल रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के चलते अब तक भारत नहीं लौट पाए हैं। उनके परिवार का कहना है कि लंबे समय से लगातार प्रयासों के बावजूद अभी तक उनकी स्वदेश वापसी संभव नहीं हो सकी है।
इंद्रमणि नौटियाल की बेटी दीपिका नौटियाल अपने पिता को वापस लाने के लिए लगातार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से संपर्क कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी भावुक अपील करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का कहना है कि पिता की गैरमौजूदगी ने उनके जीवन पर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव डाला है।
दीपिका के अनुसार, उनके पिता वर्ष 2018 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वर्ष 2019 में एक सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में उन्हें सजा हुई, जिसे वे पूरी कर चुके हैं। उनका आरोप है कि सजा पूरी होने के बाद भी उनके नियोक्ता ने उन्हें भारत लौटने की अनुमति नहीं दी और उनसे लगातार काम कराया जा रहा है। परिवार का दावा है कि इस मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी उनके पास मौजूद हैं।
दीपिका ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की वापसी को लेकर जिलाधिकारी को आवेदन भी सौंपा था और अब उस पर हुई कार्रवाई की जानकारी चाही है। उनका कहना है कि पूरा परिवार पिछले नौ वर्षों से पिता के लौटने की उम्मीद लगाए बैठा है और सरकार से केवल इतनी मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द अपने घर वापस लाया जाए।
इस मामले को स्थानीय स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के उत्तरकाशी जिला अध्यक्ष नितिन नौटियाल ने भी जनप्रतिनिधियों और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित होने पर इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी का रास्ता आसान हो सकता है।
वहीं, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने बताया कि परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला विदेश से जुड़ा होने के कारण भारत सरकार और संबंधित देश के बीच आधिकारिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। विदेश मंत्रालय से भी व्यक्तिगत स्तर पर फॉलोअप करने का अनुरोध किया जाएगा ताकि परिवार को हरसंभव सहायता मिल सके।
