ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Uttarakhand में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी कर ली है। पार्टी ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। इसके तहत अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर की शुरुआत तक न्याय यात्रा, विधानसभा घेराव और दिल्ली कूच सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने हरिद्वार बाईपास रोड स्थित एक होटल में पार्टी नेताओं के साथ पत्रकार वार्ता कर आंदोलन की रूपरेखा साझा की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और चकराता विधायक प्रीतम सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
23 से 25 अक्टूबर तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में निकलेगी न्याय यात्रा
कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जनसंपर्क और विरोध प्रदर्शन के लिए 23 से 25 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। पार्टी का उद्देश्य इन यात्राओं के माध्यम से विभिन्न मुद्दों को जनता के बीच उठाना और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना है।
प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकार वार्ता में आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अलग-अलग मुद्दों को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी। न्याय यात्रा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान भी विरोध दर्ज कराएंगे।
27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा का घेराव
कांग्रेस ने 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
पार्टी की योजना है कि प्रदेश से जुड़े मुद्दों को विधानसभा सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाया जाए। कांग्रेस आगामी कार्यक्रमों के जरिए सरकार की नीतियों और उसके कार्यकाल में सामने आए विभिन्न मामलों को लेकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।
1 नवंबर को वोट चोरी के मुद्दे पर दिल्ली कूच
उत्तराखंड के कार्यक्रमों के साथ कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी एक नवंबर को वोट चोरी के मुद्दे पर दिल्ली कूच करेगी।
इस कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे। पार्टी ने इस आयोजन को देशव्यापी विरोध कार्यक्रम के रूप में निर्धारित किया है। इसके जरिए कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों को उठाएगी।
4 नवंबर को जमीनों की नीलामी और भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रदर्शन
कांग्रेस ने चार नवंबर को उत्तराखंड में जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया है। यह प्रदर्शन उन स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जहां धामी सरकार के कार्यकाल में जमीनों की नीलामी, कथित धांधली और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले सामने आए हैं।
पार्टी इन मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, अलग-अलग मुद्दों पर होने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में तय हुई आंदोलन की रणनीति
प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
कांग्रेस ने अक्टूबर और नवंबर के लिए चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। पहले विधानसभा क्षेत्रों में न्याय यात्रा निकाली जाएगी, फिर गैरसैंण में विधानसभा घेराव होगा। इसके बाद दिल्ली में वोट चोरी के मुद्दे पर कार्यक्रम और प्रदेश में जमीनों से जुड़े मामलों को लेकर प्रदर्शन किए जाएंगे।
