परिवहन सेवाएं उत्तराखंड के इन शहरों में बढ़ेंगी, 23 दिसंबर को बैठक में होगा मंथन; ये मुद्दे हैं अहम

खबर रफ़्तार, देहरादून:  उत्तराखंड में अब परिवहन की सुविधाएं और दुरुस्त होंगी। देहरादून और हरिद्वार शहर में सार्वजनिक परिवहन सेवा में सुधार, हर प्रमुख क्षेत्र तक यात्री वाहनों का संचालन व नए यात्री वाहनों के परमिट को लेकर गढ़वाल मंडलायुक्त एवं संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में 23 दिसंबर को मंथन होगा।

छह माह बाद गढ़वाल मंडलायुक्त कार्यालय में होने जा रही आरटीए की बैठक में बीएस-6 पेट्रोल व सीएनजी टाटा मैजिक के लिए देहरादून शहर में 10 नए मार्ग बनाने और दून में सिटी बसों के दो नए मार्ग बनाने पर निर्णय होगा। साथ ही दून शहर, हरिद्वार, रुड़की, टिहरी व उत्तरकाशी में लंबी दूरी के स्थानीय मार्गों पर निजी बस चलाने को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी।

आरटीए सचिव/दून आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव के आदेश के बाद परिवहन विभाग ने दून शहर के लिए अर्बन मोबिलिटी प्लान तैयार किया है। आरटीए बैठक में इस प्लान पर चर्चा होगी। शहरों में यातायात व परिवहन सेवा में सुधार पर मंथन किया जाएगा। सिटी बसों के नए परमिट देने के साथ ही हर यात्री वाहन को लेकर अलग-अलग मंथन होगा। ऑटो व ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाने और ई-रिक्शा के मार्ग तय करने पर भी निर्णय लिया जाना है।

बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

इसके साथ ही बैठक में टाटा मैजिक के लिए जो 18 मार्ग बनाए गए थे, उनमें कई मार्ग ऐसे हैं, जहां के परमिट के लिए आवेदन नहीं आया है। ऐसे में संशोधित मार्ग भी बनाए जा रहे हैं। कई मार्गों पर मिनी बस चलाने की भी योजना है। शहर में 20 किमी से लंबी दूरी के मार्गों पर केवल सिटी बसें चलेंगी, जबकि छोटे यात्री वाहन छोटी दूरी और शहर के भीतरी मार्गों पर संचालित होंगे।

उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन हैं मामले

पर्वतीय मार्गों पर निजी बसों के परमिट परिवहन निगम के लिए आरक्षित राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के परमिट देने की तैयारी को लेकर भी इस बैठक में चर्चा होनी है। हालांकि, यह प्रस्ताव वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में प्राधिकरण इस मामले में कोई निर्णय फिलहाल नहीं लेगा। आरटीए सचिव सुनील शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसका निर्णय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।

तैयारियों में जुटा विभाग

देहरादून-मसूरी, देहरादून-ऋषिकेश, देहरादून-हरिद्वार-रुड़की से लेकर देहरादून-उत्तरकाशी, देहरादून-टिहरी जैसे मार्गों पर निजी बसों के परमिट देने की तैयारी विभाग कर रहा है। परिवहन प्राधिकरण की मानें तो पर्वतीय मार्गों पर परिवहन निगम की सेवाएं बेहद सीमित हैं और अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में निगम की सेवा नहीं जाती। इससे पर्वतीय नागरिकों को परेशानी होती है। इस वजह से अब निजी बसों को हर उस मार्ग पर परमिट देने की तैयारी चल रही है, जहां परिवहन निगम बेहतर सुविधा नहीं दे पा रहा।

महानगर बस परिवहन निगम पर भी होगा निर्णय

देहरादून शहर में सिटी बसों का संचालन उत्तराखंड परिवहन निगम के अधीन करने और इसके लिए अलग से महानगर बस परिवहन निगम बनाने का निर्णय भी आरटीए की बैठक में हो सकता है। मुख्य सचिव के निर्देश के क्रम में परिवहन विभाग ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके अंतर्गत शहर में केवल इलेक्ट्रिक और सीएनजी सिटी बसें ही संचालित होंगी। वर्तमान में संचालित सभी डीजल सिटी बसें बाहर होंगी।

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परिवहन निगम के अधीन आने पर इनमें चालक बस स्वामी का, जबकि परिचालक परिवहन निगम का होगा। वर्तमान में जिन बस मालिकों के पास सिटी बसों के परमिट हैं, उन्हें नई बसों के परमिट में प्राथमिकता मिलेगी।

 

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