खबर रफ्तार, प्रयागराज : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नाबालिग बच्चों के कथित सेक्सुअल हैरेसमेंट और दूसरे अपराधों के लिए केस दर्ज होने के बाद अग्रिम जमानत के लिए मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सूत्रों ने बताया कि कोर्ट में एप्लीकेशन फाइल करने से पहले, इस बारे में सरकारी वकील के ऑफिस को नोटिस भेजा गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। उन पर नाबालिग बच्चों के यौन उत्पीड़न और अन्य अपराधों का आरोप है। यह एफआईआर प्रयागराज के झूंसी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।
स्वामी सरस्वती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल अदालत के आदेश के बाद ही कार्रवाई की। उनका दावा है कि अदालत का आदेश सबूतों से ज्यादा कानूनी फैसलों पर केंद्रित था। उन्होंने संकेत दिया कि कोई आशुतोष ब्रह्मचारी का समर्थन कर रहा है। उन्होंने वाराणसी विकास प्राधिकरण पर गौ रक्षा अभियान से पीछे हटने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया।
