ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Uttarakhand में सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री राहत योजना का लाभ अभी तक बहुत कम लोगों तक पहुंच पाया है। राज्य में मार्च से जून 2026 के बीच हुए सड़क हादसों में 406 लोग घायल हुए, लेकिन इनमें से केवल सात घायलों को ही इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल सका।
यह योजना फरवरी 2026 में लागू की गई थी। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का अधिकतम ₹1.5 लाख तक का इलाज सात दिनों तक निशुल्क किया जाता है, बशर्ते उसे योजना से जुड़े नामित अस्पताल में भर्ती कराया जाए। यदि हादसे के बाद घायल को किसी गैर-नामित अस्पताल में ले जाया जाता है, तो वहां उसे 48 घंटे तक प्राथमिक उपचार देकर स्थिर किया जाएगा और फिर नामित अस्पताल में रेफर किया जाएगा।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च से जून के बीच राज्य में कुल 514 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में 406 लोग घायल हुए, जबकि 281 लोगों की मौत हुई। इसके बावजूद योजना के तहत केवल 17 मामलों की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
बताया गया कि इन 17 मामलों में से सात मामलों में पुलिस द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं तीन मामले योजना की पात्रता के दायरे में नहीं आए। अंततः केवल सात घायलों का इलाज ऊधम सिंह नगर, देहरादून और चमोली के नामित अस्पतालों में इस योजना के तहत कराया गया।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि जल्द ही पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी और जिन कारणों से लाभार्थियों की संख्या कम रही है, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में अधिक से अधिक सड़क हादसा पीड़ितों को इस योजना का लाभ मिल सके।

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