खबर रफ्तार, विशाखापत्तनम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत समतामूलक समुद्री व्यवस्था स्थापित करना चाहता है। उन्होंने समुद्री डकैती, आतंकवाद, अवैध गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन से बढ़ती आपदाओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक नौसैनिक सहयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने 74 देशों की भागीदारी वाले मिलन 2026 को भारत की बढ़ती समुद्री भूमिका और वैश्विक विश्वास का प्रतीक बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को विशाखापत्तनम में बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून और नौवहन की स्वतंत्रता पर आधारित एक समतामूलक समुद्री व्यवस्था स्थापित करना चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना होगा।
भारत की समुद्री नीति ‘सागर’ से आगे बढ़कर ‘महासागर’ दृष्टि तक विकसित :राजनाथ सिंह
उन्होंने बताया कि भारत की समुद्री नीति ‘सागर’ से आगे बढ़कर ‘महासागर’ दृष्टि तक विकसित हुई है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 74 देशों की भागीदारी के साथ मिलन 2026 अब तक का सबसे बड़ा और समावेशी संस्करण है, जो भारत पर वैश्विक समुद्री समुदाय के विश्वास को दर्शाता है।
