ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कुंभ 2027 के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है, जिससे बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके अलावा सिडकुल, बहादराबाद, आईपी-4 औद्योगिक क्षेत्र और तेजी से बढ़ रहे शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है।
बताया गया कि वर्तमान में संचालित ट्रांसमिशन लाइनें लगभग पांच दशक पुरानी हैं और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं रह गई हैं। 132 केवी सिडकुल-ज्वालापुर और ज्वालापुर-रुड़की लाइनें पहले ही अपनी क्षमता के 90 प्रतिशत से अधिक भार पर संचालित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में इन पर लोड निर्धारित सीमा से ऊपर पहुंचने का अनुमान है।
नई परियोजना के तहत एचटीएलएस कंडक्टर लगाए जाएंगे, जिससे इन ट्रांसमिशन लाइनों की बिजली वहन क्षमता करीब ढाई गुना तक बढ़ जाएगी। इससे कुंभ मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।
