ख़बर रफ़्तार , नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पत्थरबाजी किए जाने का भी दावा किया गया है।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख इलाकों में बैरिकेडिंग की है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
IGI एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिए जाने का दावा
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथी कार्यकर्ता सौरभ दास तथा आशुतोष रांका को शनिवार को नई दिल्ली पहुंचने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया है कि महिला पुलिसकर्मी विमान के अंदर पहुंचीं और तीनों को हिरासत में लिया। इन नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेना था। प्रदर्शन के जरिए पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांगें उठाने की तैयारी कर रही थी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिरासत के दौरान अभिजीत दीपके ने पुलिस अधिकारियों से कहा, “मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं; मुझे गिरफ्तार कर लो। मुझे तुम लोगों से डर नहीं लगता।”
CJP की ओर से इस कार्रवाई को प्रदर्शन रोकने की कोशिश बताया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई और हिरासत के कानूनी आधार से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन के नजदीक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच थोड़ी देर के लिए झड़प होने की खबर है। उपलब्ध जानकारी में दावा किया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की।
प्रदर्शन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित की। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और मध्य दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
प्रशासन की ओर से सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पत्थरबाजी की घटना, उसमें शामिल लोगों और किसी के घायल होने की स्थिति के बारे में आधिकारिक पुष्टि के आधार पर ही अंतिम जानकारी स्पष्ट होगी।
ध्रुव राठी और काव्या कर्नाटक को भी हिरासत में लिए जाने की खबर
प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी और काव्या कर्नाटक को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
CJP की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया। वहीं, काव्या कर्नाटक को धौला कुआं के पास सुरक्षा बलों द्वारा एक बस में ले जाते हुए देखे जाने का दावा किया गया है।
इन घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है। हालांकि, दोनों के हिरासत में लिए जाने की परिस्थितियों, पुलिस की ओर से दी गई वजह और उनकी वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, कई इलाकों में प्रतिबंध
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस तथा अन्य सुरक्षा इकाइयों की तैनाती बढ़ाई गई है।
प्रमुख सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रदर्शन क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इंटरनेट बंदी का वास्तविक दायरा, प्रभावी समय और संबंधित आदेश की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना से सत्यापित की जानी चाहिए।
मेट्रो और रेल यात्रियों को परेशानी की आशंका
प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास प्रतिबंधित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
रेल सेवाओं को लेकर भी बड़े स्तर पर व्यवधान का दावा किया गया है। उपलब्ध विवरण में नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जुड़ी कुछ ट्रेनों को रद्द करने, उनके संचालन को नियंत्रित करने या मार्ग बदलने की बात कही गई है। कम से कम 250 ट्रेनें रद्द होने का दावा भी किया गया है, लेकिन इस संख्या की रेलवे की आधिकारिक सूचना से पुष्टि आवश्यक है।
जंतर-मंतर के आसपास टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है। यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से पहले दिल्ली मेट्रो, रेलवे और यातायात पुलिस की आधिकारिक अपडेट जरूर देख लें।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने सार्वजनिक व्यवस्था और बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की आशंका का हवाला देते हुए प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू किए जाने की बात कही गई है।
पुलिस का पक्ष है कि आयोजकों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति नहीं ली थी और बड़ी सभा से सार्वजनिक सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। वहीं, CJP और उससे जुड़े लोगों का आरोप है कि प्रतिबंधों के जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है।
इस तरह मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। पुलिस सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को आधार बता रही है, जबकि प्रदर्शन से जुड़े लोग इसे विरोध की आवाज दबाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शनों के बाद फिर गरमाया चुनाव आयोग विवाद
दिल्ली में CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है, जब चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर विपक्षी दलों की गतिविधियां भी चर्चा में हैं।
इससे पहले चुनाव आयोग विवाद से जुड़े मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों को रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद शुक्रवार को इंडिया ब्लॉक के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और कथित चुनावी अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
CJP भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें उठाना चाहती है। पार्टी की प्रस्तावित सभा को लेकर पुलिस की कार्रवाई और प्रतिबंधों ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल दिल्ली में प्रदर्शन, हिरासत और सुरक्षा प्रतिबंधों से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका सहित अन्य लोगों की हिरासत की स्थिति, पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का आधार और आकाशवाणी भवन के पास हुई कथित पत्थरबाजी को लेकर आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
मेट्रो और रेल सेवाओं पर असर से संबंधित दावों की भी संबंधित विभागों की सूचनाओं के आधार पर पुष्टि की जानी चाहिए। मामले में आगे की स्थिति पुलिस के आधिकारिक बयान और प्रशासन के अगले कदमों से स्पष्ट होगी।
नोट: इस खबर में हिरासत, पत्थरबाजी, ट्रेनें रद्द होने और सुरक्षा प्रतिबंधों से जुड़े कुछ विवरण उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। प्रकाशन से पहले दिल्ली पुलिस, दिल्ली मेट्रो और रेलवे के आधिकारिक अपडेट से इनकी पुष्टि कर लें।
