ख़बर रफ़्तार, देहरादून : bhuvan-chandra-khanduri का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर फैल गई है। लंबे समय से बीमार चल रहे खंडूड़ी का देहरादून के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
भुवन चंद्र खंडूड़ी लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। वह कई महीनों से अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक का माहौल है।
पूर्व सैनिक और अनुशासित राजनेता के रूप में पहचान रखने वाले खंडूड़ी को उत्तराखंड की राजनीति का ईमानदार चेहरा माना जाता था। सेना में सेवाएं देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
उनकी सादगी, साफ छवि और अनुशासन ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई। पहाड़ से लेकर मैदान तक लोग उन्हें एक जननायक के रूप में याद कर रहे हैं। उनका निधन केवल एक नेता का जाना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।

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