खबररफ़्तार , देहरादून : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अंकिता को न्याय दिलाने और मामले में सामने आए कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने की मांग को लेकर शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को देहरादून और मसूरी में विरोध दर्ज कराया गया। देहरादून में विभिन्न सामाजिक और जन संगठनों ने गांधी पार्क के गेट पर प्रदर्शन किया, जबकि मसूरी में कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर मामले से जुड़े अहम सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं देने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने और उसकी पहचान सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही, संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किए जाने को लेकर भी विरोध जताया गया। हालांकि, कथित VIP की पहचान और मामले में उसकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
देहरादून में विभिन्न संगठनों ने किया प्रदर्शन
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर उत्तराखंड महिला मंच, भाकपा माले, सीटू समेत विभिन्न जन सरोकारों से जुड़े संगठनों के कार्यकर्ता गांधी पार्क के गेट पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, मामले से जुड़े अनुत्तरित सवालों का जवाब देने और कथित VIP का नाम सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अंकिता हत्याकांड में न्याय की मांग लंबे समय से की जा रही है। ऐसे में मामले से जुड़े सभी सवालों पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। संगठनों ने कथित VIP को राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबरों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अंकिता के माता-पिता के दिल्ली में धरने के बाद फिर उठा मुद्दा
प्रदर्शन में शामिल निर्मला बिष्ट ने बताया कि 14 अक्टूबर को अंकिता भंडारी के माता-पिता दिल्ली में इंडिया गेट के पास न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। उनके मुताबिक, इसी दौरान कथित VIP को राज्यपाल नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया।
निर्मला बिष्ट ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के भोगपुर क्षेत्र स्थित एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। उन्होंने दावा किया कि रिसॉर्ट के मालिक की ओर से एक VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।
उनके आरोपों के अनुसार, इसके बाद रिसॉर्ट के मालिक और उसके दो कर्मचारियों ने मिलकर अंकिता की हत्या कर दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई और अब उसे राज्यपाल नियुक्त किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कथित VIP की पहचान और भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
ध्यान दें: कथित VIP को लेकर प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
मसूरी में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मसूरी में भी राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली। शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से एक होटल के सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें पूर्व मंडी परिषद सभापति उपेंद्र थपलियाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार अंकिता को न्याय दिलाने के बजाय मामले से जुड़े सवालों को दबाने का प्रयास कर रही है।
उपेंद्र थपलियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित VIP की पहचान और भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में संबंधित व्यक्ति का नाम सार्वजनिक किया जाना चाहिए और पूरे मामले में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।
उन्होंने कथित VIP को राज्यपाल नियुक्त किए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अंकिता हत्याकांड में उठ रहे सवालों का जवाब सामने आना जरूरी है, ताकि मामले को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हो सके।
अंकिता के परिवार के साथ व्यवहार पर भी उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपेंद्र थपलियाल के साथ जसबीर कौर, अमित गुप्ता और महेश चंद भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वहां से हटाया गया और उनके साथ उत्पीड़न किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अंकिता का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, तो उसकी शिकायतों और मामले से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिए जा रहे हैं।
कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने की मांग तेज
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देहरादून में सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन और मसूरी में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस इस बात का संकेत है कि मामला एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेताओं ने कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने, उसकी कथित भूमिका से जुड़े सवालों का जवाब देने और अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
अब इस पूरे प्रकरण में कथित VIP को लेकर लगाए जा रहे आरोपों, राज्यपाल नियुक्ति से जुड़े दावों और परिवार की मांगों पर आधिकारिक रूप से क्या स्थिति स्पष्ट की जाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
